कॉफी प्रेमियों की जेब पर महंगाई का मार पड़ सकती है। दरअसल, कॉफी की कीमत पिछले चार से पांच महीनों में 10 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। साथ ही अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी इसके दाम में और अधिक वृद्धि होगी। बता दें कुछ महीनों से कॉफी की मांग पहले से अधिक बढ़ गई है। साथ ही इसके उत्पादन में भारी गिरावट आ रही है। यही वजह है कि कॉफी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
कॉफी का उत्पादन एक दशक के निचले स्तर पर जा सकता है
एडलवाइस वेल्थ रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉफी सीजन 2021-22 में 300-330 लाख बैग (एक बैग में 30 किलो) अरेबिका और 140-160 लाख बैग (एक बैग में 60 किलो) रोबस्टा कॉफी के उत्पादन संभावना है। यह पिछले साल के उत्पादन से 35-40 प्रतिशत कम है। इस हिसाब से पूरी दुनिया में कॉफी का उत्पादन एक दशक के निचले स्तर पर आने की आशंका है। दुनिया में कुल कॉफी उत्पादन का 70% हिस्सा अरेबिका कॉफी का होता है।
देश में खपत बढ़ी
भारत में साल 2020 में प्रति व्यक्ति सालाना करीब 95 ग्राम कॉफी की खपत हुई। इसके मुकाबले 2019 में प्रति व्यक्ति 85 ग्राम कॉफी की खपत हुई थी। यह आंकड़े कम इसलिए हैं, क्योंकि अभी कॉफी का चलन केवल शहरों में है।
दाम बढ़ने की वजह
कॉफी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 35 से 40 प्रतिशत घटकर एक दशक के निचले स्तर पर आने की आशंका है। वहीं, अमेरिका में अनरोस्टेड कॉफी बीन्स की इन्वेंटरी साल 2015 से अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई है। इसके अलावा कॉफी रखने वाले कंटेनर की कमी के चलते समुद्र के रास्ते माल ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है। इन्हीं कुछ कारणों के चलते कॉफी के दाम में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 66 प्रतिशत कॉफी का उत्पादन दुनिया के केवल तीन देशों में ही हो जाता है। इनमें कोलंबिया में 10 फीसदी, वियतनाम में 20 फीसदी और ब्राजील में 36 फीसदी कॉफी का उत्पादन किया जाता है।