देश में बेरोजगारी घटने के बावजूद रोजगार मिलने की दर में गिरावट आई है। आलम यह है कि मई, 2025 में बेरोजगारों की कुल संख्या करीब 3.18 करोड़ थी, यानी इतने लोगों के पास काम नहीं था। हालांकि, बेरोजगारों की यह संख्या अप्रैल के 3.62 करोड़ की तुलना में 44 लाख कम है।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में बेरोजगारी दर घटकर 32 महीने के निचले स्तर 6.9 फीसदी पर आ गई। अप्रैल में यह 7.7 फीसदी थी। इस दौरान रोजगार मिलने की दर भी कम होकर 38.5 फीसदी रह गई, जो अप्रैल में 38.9 फीसदी रही थी। एक महीने की इस अवधि में रोजगार की संख्या में 30 लाख की कमी आई है, जबकि अप्रैल में 1.4 करोड़ की वृद्धि हुई थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के श्रमबल में शामिल 42.95 करोड़ लोगों के पास मई में रोजगार था, जो पिछले कुछ महीनों की तुलना में काफी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी में 48 लाख की गिरावट देखने को मिली, जबकि शहरी इलाकों में यह 3.3 लाख बढ़ गई।
गांवों में घटी, पर शहरों में बढ़ गई बेरोजगारी दर
बेरोजगारों की संख्या में तेज गिरावट के कारण ग्रामीण भारत में बेरोजगारी दर कम होकर मई में 6.1 फीसदी रह गई, जो अप्रैल में 7.5 फीसदी थी। इसके विपरीत, शहरी इलाकों में यह दर अप्रैल के 8.1 फीसदी से बढ़कर 8.4 फीसदी पहुंच गई। काम मिलने को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार में गिरावट रही। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी संख्या 11.5 लाख और शहरी इलाकों में 18.2 लाख घट गई।
श्रमबल में 74 लाख की गिरावट
रोजगार और बेरोजगारों की संख्या में गिरावट का मतलब है कि मई में श्रमबल में 74 लाख की भारी कमी आई, जबकि अप्रैल में 1.6 करोड़ का विस्तार हुआ था। श्रम बाजारों में ऐसे बड़े उतार-चढ़ाव कम दिखते हैं।इससे पहले अप्रैल, 2023 में श्रमबल में 1.1 करोड़ का विस्तार हुआ था और मई, 2023 में 1.15 करोड़ की गिरावट आई थी।
भारत के नौकरी बाजार में बड़ी गतिशीलता नई भूमिकाओं की तलाश कर रहे हैं पेशेवर
भारत के नौकरी बाजार में बड़ी गतिशीलता देखी जा रही है। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में पेशेवर सक्रिय रूप से नई भूमिकाएं तलाश रहे हैं। साथ ही, वे अब अपने वर्तमान संगठनों में बेहतर वेतन के लिए बातचीत कर रहे हैं। माइकल पेज की नवीनतम टैलेंट ट्रेंड्स इंडिया-2025 रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 62 फीसदी पेशेवरों ने वेतन वृद्धि के लिए बातचीत की है और 37 फीसदी सफल रहे। यह आंतरिक रूप से प्रगति और बदलाव का संकेत है। सफल वेतन वृद्धि की दर 2024 में 32 फीसदी रही थी।
एआई टूल्स अपनाने में भारत आगे
भारतीय कंपनियों में जेनरेटिव एआई टूल्स को अपनाने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत वैश्विक स्तर पर इन्हें अपनाने में आगे है। 64 फीसदी पेशेवर चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट को-पायलट जैसे जेन एआई टूल्स का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, सिर्फ 31 फीसदी कंपनियां ही इन टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए खुद को अच्छी तरह से तैयार मानती हैं।