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Tea: भारतीय चाय उद्योग पर संकट के बादल, आईटीए ने उत्पादन में गिरावट और सस्ते आयात पर जताई गहरी चिंता

Wed, 30 Jul 2025 12:56 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय चाय संघ ने कहा कि चाय उद्योग को उत्पादन में कमी, मूल्य प्राप्ति में गिरावट और अधिक आयात के कारण भारी चुनौतिययों का सामना कर रहा है।उत्पादन स्तर 2024 के स्तर से 10.34 प्रतिशत कम है। 2025 में दैनिक तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और कम वर्षा के कारण सूखे की परिस्थितियां पैदा हो रही हैं।

 
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चाय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय चाय उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय चाय संघ (आईटीए) ने बुधवार को यह बयान दिया। आईटीए के अनुसार यह उद्योग 2025 में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। उद्योग को उत्पादन में कमी, मूल्य प्राप्ति में गिरावट और अधिक आयात के कारण भारी चुनौतिययों का सामना कर रहा है।

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खराब मौसम और कीटों से उत्पादन में आई भारी कमी
आईटीए ने कहा कि 2024 में फसल उत्पादन में भारी कमी देखी गई। देशव्यापी स्तर 2023 से 109 मिलियन किलोग्राम कम हो गया। आईटीए ने कहा कि उत्पादन में यह कमी खराब मौसम की स्थिति और बागानों में कीटों के हमलों के कारण हुई। 
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दर्जिलिंग चाय उद्योग मुश्किल दौर में
एसोसिएशन के अनुसार, 2025 का कम उत्पादन स्तर पश्चिम बंगाल और असम के बड़े उत्पादकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। दार्जिलिंग चाय उद्योग को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां उत्पादन स्तर 2024 के स्तर से 10.34 प्रतिशत कम है। 

तापमान में आई वृद्धि से उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की कमी आई
आईटीए ने कहा कि 2025 में दैनिक तापमान में औसतन दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और कम वर्षा के कारण शुष्क परिस्थितियां पैदा हो रही हैं। इससे दो प्रमुख उत्पादक राज्यों में उत्पादन में गिरावट देखने को मिली। जुलाई की फसल भी कमजोर रहने की उम्मीद है। इसमें 2024 की तुलना में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। इसके अलावा अप्रैल से जुलाई के अंत तक चाय की नीलामी की कीमतों में भी गिरावट का रुख रहा है। इससे हितधारकों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं। 

सीटीसी और डस्ट चाय की कीमतों में आई सात प्रतिशत की गिरावट 
आईटीए ने कहा कि खासतौर पर सीटीसी और डस्ट चाय की नीलामी कीमतों में असम में लगभग सात प्रतिशत और पश्चिम बंगाल के डुआर्स में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। सीटीसी किस्म की कीमतों में गिरावट उद्योग की आर्थिक स्थिरता के लिए चिंता का कारण है। 

सीटीसी चाय, जिसका अर्थ है क्रश, टियर, कर्ल, काली चाय को संसाधित करने की एक विधि है जिसके परिणामस्वरूप छोटे, कठोर दाने बनते हैं। यह अपने मजबूत, तीखे स्वाद के लिए जाना जाता है और आमतौर पर भारतीय मसाला चाय बनाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। 
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आयात 82 प्रतिशत बढ़कर 445.3 लाख किलोग्राम हुआ
2024 और 2025 की शुरुआत में चाय के आयात में भारी वृद्धि ने भी कीमतों में गिरावट में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 2024 में कुल आयात 2023 के 245.3 लाख किलोग्राम से 82 प्रतिशत बढ़कर 445.3 लाख किलोग्राम हो गया। इसमें नेपाल और केन्या का हिस्सा 74 प्रतिशत रहा। 2025 में जनवरी से अप्रैल के दौरान कुल 85.77 मिलियन किलोग्राम चाय का निर्यात हुआ। यह 2024 की इसी अवधि की तुलना में 0.18 मिलियन किलोग्राम कम है।

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