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जेट एयरवेज की गिरती हालत पर सरकार की नजर, कर्मचारी बोले-उड़ान भरना होगा जोखिम

Tue, 19 Mar 2019 12:52 PM IST
अजय सिंह बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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जेट एयरवेज की गिरती माली हालत पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार ने एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है। नागर विमानन मंत्रालय जेट एयरवेज की स्थिति पर पुरी तरह से नजर रखे हुए हैं।

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नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रालय के सचिव को जेट एयरवेज के विमानों के खड़ा होने से यात्रियों को होने वाली संभावित परेशानी का हल निकालने के कहा है।  इस बैठक में विमानों के खड़ा होने से एडवांस बुकिंग, टिकट रद्दीकरण, रिफंड और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। 
 

जोखिम में उड़ानों की सुरक्षा

जेट एयरवेज का अपने विमानों को उड़ान भरने से रोकने और उड़ानों को रद्द करने का सिलसिला जारी है। इसी बीच कंपनी के विमान रखरखाव इंजीनियरों के संघ ने विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मंगलवार को सूचना दी कि उन्हें तीन माह से पगार नहीं मिली है और उड़ानों की सुरक्षा जोखिम में है।

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डीजीसीए को लिखा पत्र

जेट एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने डीजीसीए को एक पत्र में लिखा है, ‘हमारे लिए अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप विमान इंजीनियरों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ा है और यह उनके काम को भी प्रभावित करता है। और ऐसे में देश और विदेश में उड़ान भरने वाले जेट एयरवेज के विमानों की सुरक्षा जोखिम पर है।’

पत्र के अनुसार, ‘‘जहां वरिष्ठ प्रबंधन कारोबार में समाधान के तौर-तरीके खोज रहे हैं। हम इंजीनियर पिछले सात माह से समय से वेतन नहीं मिलने से बहुत दबाव में हैं और विशेष तौर पर तीन महीने से तो हमें वेतन मिला ही नहीं है। हम विमानों की जांच करते हैं, उनकी मरम्मत करते हैं और यह प्रमाणित करते हैं कि विमान उड़ने लायक है या नहीं।’’ 

41 विमान हुए खड़े

नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने सोमवार को अपने चार और विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया था। पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते उसके परिचालन से बाहर हुए कुल विमानों की संख्या 41 हो गयी है।

जेएएमईडब्ल्यूए ने इस मामले में डीजीसीए से हस्तक्षेप की मांग की है।

एतिहाद ने किया निवेश करने से मना

अबू धाबी स्थित एयरलाइन कंपनी एतिहाद नरेश गोयल के स्वामित्व वाली जेट एयरवेज में और पैसा निवेश नहीं करेगी। एतिहाद ने भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों को इस बारे में सूचना दे दी है।

इससे जेट के सामने एयरलाइन चलाने का संकट खड़ा हो सकता है। इस बीच जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल अपने बेटे निवान गोयल के साथ दोहा रवाना हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक नरेश गोयल ने कतर एयरवेज के सीईओ अकबर अल बाकर को कंपनी के हालातों के बारे में जानकारी दी है। 

एतिहाद सीईओ ने की एसबीआई के चेयरमैन से मुलाकात

एतिहाद के सीईओ टोनी डगलस ने सोमवार को एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार के साथ मुलाकात की और कंपनी के निर्णय के बारे में जानकारी दी। 
 
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