जेट एयरवेज की गिरती माली हालत पर विचार करने के लिए केंद्र सरकार ने एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है। नागर विमानन मंत्रालय जेट एयरवेज की स्थिति पर पुरी तरह से नजर रखे हुए हैं।
नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रालय के सचिव को जेट एयरवेज के विमानों के खड़ा होने से यात्रियों को होने वाली संभावित परेशानी का हल निकालने के कहा है। इस बैठक में विमानों के खड़ा होने से एडवांस बुकिंग, टिकट रद्दीकरण, रिफंड और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।
जोखिम में उड़ानों की सुरक्षा
जेट एयरवेज का अपने विमानों को उड़ान भरने से रोकने और उड़ानों को रद्द करने का सिलसिला जारी है। इसी बीच कंपनी के विमान रखरखाव इंजीनियरों के संघ ने विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मंगलवार को सूचना दी कि उन्हें तीन माह से पगार नहीं मिली है और उड़ानों की सुरक्षा जोखिम में है।