चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांडे ग्रुप जिसकी चूक ने दो साल पहले देश में व्यापक संपत्ति ऋण संकट को तेज किया था ने गुरुवार को न्यूयॉर्क में चेप्टर 15 के तहत दिवालियापन संरक्षण की मांग की। यह कदम इसे अमेरिका में लेनदारों से बचाएगा, इस दौरान कंपनी पुनर्गठन सौदे पर काम कर रही है। चीन की रियल एस्टेट कंपनी की ओर से अध्याय 15 के तहत दायर याचिका में हांगकांग और केमैन द्वीप समूह में की जा रही पुनर्गठन कार्यवाही का संदर्भ दिया गया है।
विकास की होड़ को बढ़ावा देने के लिए ऋण लेने के आदी चीन के डेवलपर्स ने 2020 में बदलाव का पहला अनुभव किया। यही वह समय था जब अधिकारियों ने "तीन लाल रेखाएं" निर्धारित कीं जो लीवरेज बेंचमार्क निर्धारित करती थीं, इसे बिल्डरों को पूरा करना पड़ता था यदि वे अधिक पैसा उधार लेना चाहते थे। ब्लूमबर्ग इंडेक्स के अनुसार, बड़े पैमाने पर डेवलपर्स की ओर से जारी किए गए चीनी जंक डॉलर बॉन्ड संकट में पड़ गए हैं, औसत कीमतें अब लगभग 65 सेंट पर पहुंच गईं हैं।
एवरग्रांडे एक अपतटीय ऋण पुनर्गठन योजना को पूरा करने के लिए महीनों से काम कर रहा है। फर्म ने अप्रैल में खुलासा किया कि उसके पास अभी तक योजना को लागू करने के लिए आवश्यक लेनदार समर्थन स्तर नहीं है। जुलाई में इसे सौदे पर मतदान कराने के लिए अदालत की मंजूरी मिली। कंपनी ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि उसने लेनदारों के लिए तथाकथित योजना की बैठकों को 28 अगस्त तक पुनर्निर्धारित किया है।
एवरग्रांडे ने अपने वित्तीय स्थिति के बारे में महीनों की अनिश्चितता के बाद दिसंबर 2021 में पहली बार डॉलर बॉन्ड पर चूक की थी। कंपनी के संघर्षों ने चीन के संपत्ति क्षेत्र के बारे में चिंताओं को और बढ़ा दिया। एवरग्रांडे की इलेक्ट्रिक-वाहन इकाई ने दुबई स्थित स्टार्टअप एनडब्ल्यूटीएन इंक को लगभग 28% हिस्सेदारी बेचने पर सहमति व्यक्त की, जिससे इस सप्ताह की शुरुआत में कार निर्माता के शेयरों में उछाल आया। एनडब्ल्यूटीएन चीन एवरग्रांडे न्यू एनर्जी व्हीकल ग्रुप लिमिटेड में शेयरों और ईवी निर्माता के बोर्ड के बहुमत के बदले में 500 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा, कंपनियों ने बीते सोमवार को यह घोषणा की।