चीन ने अपने प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान को दो साल के लिए 2.4 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने में छूट दी है ताकि नकदी संकट से जूझ रहे बीजिंग के सहयोगी को अपना विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने में मदद मिल सके। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इसाक डार ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
बीजिंग ने जून में अपने 1.3 अरब डॉलर के वाणिज्यिक ऋणों को समय से पहले ही पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) कर दिया था, जिससे इस्लामाबाद को अपने अंतरराष्ट्रीय ऋण दायित्वों पर चूक से बचने में उस समय मदद मिली जब अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रम ठप हो गया था।
'डॉन' अखबार की खबर के अनुसार पाकिस्तान को 30 जून को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से तीन अरब डॉलर का राहत पैकेज मिला था, जिसने बाद में करीब 1.2 अरब डॉलर की शुरुआती अग्रिम किस्त जारी कर दी गई।
इसके बाद सऊदी अरब से दो अरब डॉलर और संयुक्त अरब अमीरात से एक अरब डॉलर की वित्तीय सहायता भी पाकिस्तान को मिली उसके बाद से पड़ोसी देश का विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर हुआ। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह कहा कि 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग दोगुना होकर 4.2 अरब डॉलर बढ़कर 8.7 अरब डॉलर हो गया।