चीन ने घटाया इस साल के लिए जीडीपी लक्ष्य।
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रूस-यूक्रेन के बीच दस दिनों से जारी भीषण युद्ध का असर दुनिया के अन्य देशों पर दिखाई देने लगा है। एक ओर जहां कच्चे तेल की कीमत में इजाफे के चलते भारत समेत कई देशों में महंगाई का खतरा मंडरा रहा है, तो वहीं चीन की अर्थव्यवस्था पर भी इस जंग का बुरा असर पड़ा है। यही कारण है कि चीन ने इस साल के लिए अपने जीडीपी का लक्ष्य घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया है।
तीन दशक में सबसे कम लक्ष्य
गौरतलब है कि चीन ने इस साल के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लक्ष्य पिछले साल के 6.1 से कम करते हुए 5.5 फीसदी कर दिया है। यह 1991 के बाद सबसे कम है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ने शनिवार को संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में पेश की गई कार्य रिपोर्ट में जीडीपी के नए लक्ष्य का एलान किया। गौरतलब है कि चीन की अर्थव्यवस्था वर्ष 2021 में 8.1 प्रतिशत की दर से बढ़कर लगभग 18 खरब डॉलर हो गई थी। विकास की गति 2021 में सरकार के छह प्रतिशत से अधिक के लक्ष्य से काफी ऊपर रही थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध का दिया हवाला
प्रधानमंत्री केकियांग ने कहा कि जीडीपी के लक्ष्य को घटाने के पीछे की वजह का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना महामारी, प्रॉपर्टी सेक्टर में मंदी और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग के कारण चीन की जीडीपी प्रभावित होने की संभावना बन रही है। इसलिए इसके लक्ष्य को घटाकर 5.5 फीसदी किया गया है। गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब और तेज हो चुकी है। दस दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें अपनी जान गंवाई है तो वहीं यूक्रेन में शहर के शहर तबाह हो गए हैं।
देश के रक्षा बजट में इजाफा
एक ओर जहां चीन ने अपने जीडीपी के लक्ष्य को घटाया है तो वहीं दूसरी ओर उसने अपने रक्षा बजट में 7.1 फीसदी का इजाफा करते हुए इसे 230 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव किया है। यह प्रस्ताव बीते साल के मुकाबले 21 अरब डॉलर ज्यादा है। पिछले साल रक्षा बजट 209 अरब डॉलर था। यहां बता दें कि चीन का रक्षा बजट भारत के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है।