पिछले कुछ दिनों से खबरें आ रही थीं कि चीन के उद्योग खुल गए हैं और अर्थव्यवस्था वापस पटरी पर आ गई है। चीनी मीडिया के हवाले से खबरें आईं कि देश में उत्पादन तेज हो गया है और विकास दर दुरुस्त होने लगी है। लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के अनुसार, चीन की आर्थिक स्थिति अब भी ठीक नहीं है।
नुकसान से नहीं उबर पाया है चीन
संस्था चाइना बीग बुक (China Beige Book) ने हाल ही में इस संदर्भ में जांच की, जिसमें पता चला कि चीन अब तक कोरोना वायरस और लॉकडाउन के नुकसान से नहीं उबर पाया है। पड़ोसी देश का रिटेल सेक्टर प्रभावित है। इसमें बिक्री और कमाई दोनों में ही कमी आई है। इसके अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर भी प्रभावित है। इसकी स्थिति 2008 में आई आर्थिक मंदी से भी बुरी है।
6.8 फीसदी गिर चुकी है चीन की जीडीपी
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी 6.8 फीसदी गिर चुकी है और हालात 2008 में आई आर्थिक मंदी से भी बुरे हैं। यह तिमाही रिपोर्ट 3,300 फर्म के सर्वे पर आधारित है, जो मई से जून के बीच किया गया। दूसरी तिमाही के लिए आधिकारिक सकल घरेलू उत्पाद डाटा 16 जुलाई को रिलीज होने वाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब तक वैश्विक मांग में मजबूती नहीं आती, तब तक वर्ष 2020 में संकुचन ही बना रहेगा।"
चाइना बीग बुक के सीईओ ने दिया बयान
इस संदर्भ में चाइना बीग बुक के मुख्य कार्यकारी अघिकारी (सीईओ) लीलैंड मिलर ने कहा कि, 'हमने चीन के हजारों कंपनियों और उद्योगों से आंकड़े जुटाए हैं। इन आंकड़ों से पता चला है कि यहां उत्पादन बुरी तरह प्रभावित है। चीनी सरकार दवारा उपलब्ध कराए जा रहे आंकड़े और इन कंपनियों के डाटा में काफी अंतर है।' आगे उन्होंने कहा कि चीनी सरकार द्वारा बताए जाने वाली बात और हकीकत के बीच में जमीन आसमान का फर्क है।
मालूम हो कि मई में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5,800 अरब से 8,800 अरब डॉलर तक नुकसान हो सकता है और चीन में 1,100 अरब से 1,600 अरब डॉलर के बीच नुकसान की आशंका जताई गई थी।