चीन में भारतीय दूतावास ने भारत की कंपनियों को सलाह दी है कि वे अनुलग्नक दस्तावेजों पर भी ध्यान दें और चीनी संस्थाओं के साथ व्यवहार करते समय सावधान रहें। उसने कहा, दूतावास को चीन में चीनी संस्थाओं से व्यापार पर भारतीय कंपनियों के सामने कई समस्याओं की शिकायतें मिली हैं। ऐसे में भारतीय दूतावास की सलाह काफी कारगर रहेगी।
भारत ने चीन की संस्थाओं के साथ कारोबार करते समय पर्याप्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। चीन में भारतीय दूतावास ने उन छोटे-मध्यम भारतीय उद्यमों (एसएमई) के लिए व्यापार सलाह अपडेट की है जो चीनी कंपनियों के साथ व्यापार कर रहे हैं। दूतावास को नियमित रूप से चीन में भारतीय कंपनियों के सामने आने वाली समस्याओं के बाद यह सलाह देनी पड़ी।
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चीन में भारतीय दूतावास ने भारत की कंपनियों को सलाह दी है कि वे अनुलग्नक दस्तावेजों पर भी ध्यान दें और चीनी संस्थाओं के साथ व्यवहार करते समय सावधान रहें। उसने कहा, दूतावास को चीन में चीनी संस्थाओं से व्यापार पर भारतीय कंपनियों के सामने कई समस्याओं की शिकायतें मिली हैं। ऐसे में भारतीय दूतावास की सलाह काफी कारगर रहेगी। उसने भारतीय कंपनियों को चीनी कंपनियों के साथ व्यापार से पहले भारतीय दूतावास को लिखित सूचना देने की भी सलाह दी है। दूतावास ने बड़े लेनदेन में भी एडवाइजरी जारी की है। विवाद के अधिकांश मामले शेडोंग, हेबेई, गुआंगडोंग, जियांग्सू और झेजियांग प्रांतों में देखे गए। एजेंसी
विवादित चीनी संस्थाओं की सूची भी दी
चीन में भारतीय दूतावास ने कहा, अनुलग्नक 1 में उन विशिष्ट समस्याओं की एक सूची है जिनका भारतीय कंपनियों को सामना करना पड़ता है। इसमें सावधानियों की चेकलिस्ट भी है। अनुलग्नक 2 में वर्णनात्मक विवरण शामिल हैं। चीनी संस्थाओं द्वारा अपनाई गई विशिष्ट कार्यप्रणाली के अनुबंध 3 में 2009 से अप्रैल 2024 तक भारतीय कंपनियों के साथ व्यापार विवादों में शामिल चीनी संस्थाओं की एक सूची शामिल है।
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जिम्मेदार वार्ताकारों की जानकारी रखें
दूतावास ने सिफारिश की कि किसी भी चीनी इकाई के साथ व्यापार करने से पहले, भारतीय कंपनियां भारतीय दूतावास या शंघाई में भारतीय वाणिज्य दूतावास को लिखें। भारतीय कंपनियों को सलाह दी गई कि चीनी कंपनियों के साथ उन्हें चीनी इकाई के मालिक और अन्य जिम्मेदार वार्ताकारों के निवासी पहचान पत्र अपने पास रखने चाहिए।