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इस्तीफे के बाद बोले सुब्रमण्यम- सबसे अच्छा बीता समय, नोटबंदी के वक्त दिल्ली में था मौजूद

Wed, 20 Jun 2018 04:56 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की जानकारी केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में दी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि उनका पद से हटना कोई हैरानी की बात नहीं है। 
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पत्रकारों से बात करते हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि वो यह उनके जीवन की सबसे अच्छी नौकरी थी, जो उनको जीवन भर याद रहेगी। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर रहते हुए पूरे देश में घूम कर मुझे बहुत कुछ समझने को मिला। मैं भविष्य में भी देश को अपनी सेवाएं देता रहूंगा। इसके साथ ही अभी हमने नौकरी की आखिरी तारीख के बारे में विचार-विमर्श नहीं किया है। 

 


नोटबंदी के वक्त दिल्ली में था मौजूद
अरविंद ने कहा कि वो नोटबंदी के वक्त दिल्ली में ही मौजूद थे और उस दिन सारी प्रक्रिया उनके सामने ही हुई थी। अब मेरा उत्तराधिकारी चुना जाएगा, जिसका मुझे इंतजार है।
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इन सेक्टर्स के लिए दिए नए आइडिया

इसलिए दिया इस्तीफा
जेटली ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि अरविंद पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अमेरिका जाना चाहते हैं। उनके कारण व्यक्तिगत थे, लेकिन जरूरी हैं। इस वजह से मेरे पास उनके आग्रह को मानने के अलावा कोई चारा नहीं था। हालांकि अरविंद अक्टूबर तक इस पद पर बने रहेंगे, जब तक अगली व्यवस्था सरकार अपनी तरफ से नहीं कर लेती। 

जेटली ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि अरविंद ने कई प्रमुख सेक्टर जैसे कि कपड़ा उद्योग, फर्टिलाइजर, केरोसिन, बिजली और दालों के लिए सरकार को कई नए आइडिया दिये। जीएसटी को लागू करने से लेकर के, उसमें अभी तक किए गए सुधारों का श्रेय भी उन्हें जाता है। 

शिक्षकों व छात्रों के लिए लांच किया पोर्टल
जेटली ने आगे लिखा कि सरकार ने देश भर के तमाम शिक्षकों व छात्रों की सुविधा के लिए स्वंयम नाम से जो पोर्टल लांच किया था, वो अरविंद के दिमाग की उपज थी। अरिवंद ने वित्त मंत्रालय के अंदर और बाहर एक ऐसी मजबूत टीम तैयार की थी, जो सीधे ग्राउंड रिपोर्ट भेजती थी। 

व्यक्तिगत तौर पर होगा नुकसान
जेटली ने आगे लिखा कि अरविंद के जाने से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर नुकसान होगा। वो कई बार मेरे ऑफिस में कभी अच्छी खबर या फिर अन्य कोई सूचना देने के लिए आते थे। लेकिन उम्मीद है कि वो आगे भी सरकार को अपनी तरफ से आर्थिक मोर्चे पर राय देते रहेंगे। 

रघुराम राजन के बाद संभाला था पद 
अरविंद सुब्रमण्यम ने अक्टूबर 2014 में रघुराम राजन के भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बन जाने के बाद यह पद संभाला था। केंद्र सरकार ने कई कड़े फैसले जिसमें नोटबंदी से लेकर के जीएसटी को लागू करने का है, वो अरविंद के समय लिए गए। इसके अलावा जनधन खातों को खोलना और उन्हें आधार व मोबाइल से लिंक करने का श्रेय इन्हीं को जाता है। 
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आर्थिक विशेषज्ञ भी हैं परेशान

वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम के पद छोड़ने को लेकर कांग्रेस ने आज नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि इस सरकार के ‘व्यापक आर्थिक कुप्रंधन’ के कारण वित्तीय विशेषज्ञ परेशान हैं और इसको देखते हुए सुब्रमण्यम का हटना हैरानी की बात नहीं है। 

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी सरकार में व्यापक आर्थिक कुप्रबंधन, ढुलमुल आर्थिक सुधारों और वित्तीय अव्यवस्था के कारण वित्तीय विशेषज्ञ परेशान हैं।’उन्होंने कहा, ‘नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद से अरविंद पनगढ़िया और रिजर्व बैंक के गर्वनर पद से रघुराम राजन के हटने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम का इस्तीफा हैरानी की बात नहीं है।’ 

सुब्रमण्यम वित्त मंत्रालय छोड़ रहे हैं और वह अपनी ‘पारिवारिक प्रतिबद्धताओं’ की वजह से अमेरिका लौट रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पोस्ट के जरिये यह जानकारी दी। उनको 16 अक्तूबर, 2014 को वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए हुई थी। 2017 में उनका कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया गया था।
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