अध्यक्ष एनके सिंह और 15वें वित्त आयोग के सदस्यों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति प्रस्तुत की। इससे पहले 16 नवंबर को आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस अवधि के लिए रिपोर्ट की एक प्रति भेंट की थी और चार नवंबर 2020 को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी एक कॉपी सौंपी थी।
सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, अध्यक्ष एनके सिंह तथा आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, प्रो. अनूप सिंह, डॉ. अशोक लाहिड़ी और डॉ. रमेश चंद के साथ आयोग के सचिव अरविंद मेहता रिपोर्ट की प्रस्तुति के इस अवसर पर उपस्थित थे।
संसद में पेश होगी रिपोर्ट
संविधान के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप इस रिपोर्ट को व्याख्यात्मक ज्ञापन साथ एक कृत कार्रवाई रपट के माध्यम से संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन इस रिपोर्ट को संसद में पेश करेंगी। संसद में पेश किए जाने के बाद इस रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में रखा जाएगा। रिपोर्ट में साल 2021-22 से 2025-26 यानी पांच वित्त वर्ष के लिए सिफारिशें की गई हैं। इसे केंद्र सरकार की तरफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ संसद में पेश किया गया था।
केंद्र व राज्य सरकारों, विभिन्न स्तर की लोकल गवर्नमेंट, वित्त आयोग के पूर्व चेयरमैन व इसके सदस्यों, कमिशन की एडवाइजरी काउंसिल, संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य दूसरे संस्थानों के साथ विचार-विमर्श तथा मैराथन बैठकों के बाद ये रिपोर्ट तैयार की गई है।