नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने संकेत दिया कि जीएसटी 2.0 के बाद, दिवाली से पहले सुधारों के एक और सेट की घोषणा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा के नेतृत्व वाली समिति ने इन सुधारों पर अपनी पहली रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नियमों ने नवाचार को बाधित किया तो यह कहीं और पनपेगा। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान आधारित नियमन के बजाय गतिविधि आधारित नियमन की ओर बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी स्थिति नहीं आने देनी चाहिए जहां नियमन नवाचार को इस हद तक रोक दे कि नवाचार कहीं और हो ही न सके।
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि एआई अभूतपूर्व पैमाने पर विघटनकारी के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चिंता (एआई के कारण) नौकरियों के खत्म होने की है। चिंता नौकरियों के स्थान पर नई प्रकार की नौकरियों के आने की है। मुझे लगता है कि यही बड़ी बात है।
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत को चीन सहित अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूत व्यापारिक व्यवस्था करनी चाहिए। चीन 18,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था है और इससे बचा नहीं जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि जबकि पूरा यूरोपीय संघ देश के साथ 50 प्रतिशत व्यापार करता है, बांग्लादेश भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और नेपाल शीर्ष 10 में हुआ करता था, उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।