चैट-जीपीटी लॉन्च कर दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का चेहरा बने सैम ऑल्टमैन को बर्खास्त कर दिया गया है। ओपनएआई कंपनी के बोर्ड ने सीईओ सैम को हटाने का फरमान गूगल मीट पर बुलाई एक मीटिंग में सुनाया।
कंपनी चेयरमैन और सह-संस्थापक ग्रेग ब्रोकमैन को भी बोर्ड ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। बोर्ड अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद ब्रोकमैन ने ओपनएआई से इस्तीफा दे दिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया। इसी पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए ब्रोकमैन ने लिखा कि सैम और वह बोर्ड के फैसले से स्तब्ध और दुखी हैं। ब्रोकमैन ने बताया, रात में सैम को इल्या का एक मैसेज मिला, जिसमें शुक्रवार दोपहर को बात करने की बात कही गई थी।
सैम ने गूगल मीट पर बुलाई मीटिंग ज्वाइन की जिसमें ग्रेग को छोड़कर बोर्ड के सारे सदस्य शामिल थे। इल्या ने सैम को बताया कि उन्हें हटाया जा रहा है और जल्द ही यह खबर सार्वजनिक कर दी जाएगी। ग्रेग ने आगे बताया कि उन्हें दिन में 12:19 बजे कंपनी के सह-संस्थापक इल्या सुत्सकेवर की तरफ से पहले मैसेज और फिर 12:23 बजे गूगल मीटिंग का लिंक भेजा गया। उन्होंने जैसे ही उन्होंने मीटिंग जॉइन की, उन्हें बताया गया कि बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाया जा रहा है।
सैम ने एआई को आम लोगों तक पहुंचाया
चैट-जीपीटी पिछले साल नवंबर में लॉन्च हुआ। इसके साथ ही सुर्खियों में आए ऑल्टमैन को एआई तकनीक को आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है। 22 अप्रैल 1985 को अमेरिका में जन्मे सैम स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पास आउट हैं। वह स्टीव जॉब्स को अपना आदर्श मानते हैं। 2014 से 2019 तक वाई कॉम्बिनेटर नामक कंपनी के अध्यक्ष रहे सैम ने पूरी तौर पर एआई पर फोकस करने के लिए ओपनएआई का सीईओ पद संभाल लिया था।
कुछ और ने दिए इस्तीफे
सैम और ग्रेग ब्रोकमैन के कंपनी से बाहर होने के बाद ओपनएआई में कुछ और लोगों के इस्तीफे भी हुए हैं। जानकारी के मुताबिक तीन सीनियर रिसर्चर जैकब पचॉकी, अलेक्जेंडर मैड्री और सिजमन सिदोर ने भी कंपनी छोड़ दी है।
काबिलियत पर भरोसा नहीं
ओपनएआई की तरफ से ब्लॉग पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि बोर्ड को सैम की काबिलियत पर भरोसा नहीं था। इसीलिए काफी सोच-विचार के बाद यह कदम उठाया गया है। कंपनी का कहना है कि वह बोर्ड के साथ अपने कम्युनिकेशन में स्पष्ट नहीं थे, जिससे काम करने में दिक्कत आ रही थी। हालांकि, ओपनएआई के कर्मचारियों समेत पूरे टेक क्षेत्र में फैसले पर काफी हैरानी जताई जा रही है।
2015 में एलन मस्क के साथ शुरू की थी कंपनी
ग्रेग ब्रोकमैन और सैम ऑल्टमैन ने इल्या सुत्सकेवर और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर ओपनएआई की स्थापना की थी। उस समय एलन मस्क भी इसके साथ जुड़े थे। ओपनएआई के लिए चैट-जीपीटी और डैल-ई जैसे टूल विकसित करने में ऑल्टमैन की अहम भूमिका रही। चैट-जीपीटी ने ही ओपनएआई को दुनियाभर में पहचान दिलाई। कंपनी माइक्रोसॉफ्ट समर्थित है जिसने इस साल इसमें 10 अरब डॉलर का निवेश किया है।
माइक्रोसॉफ्ट से साझेदारी स्थिर माइक्रोसॉफ्ट ने कहा-समर्थन के लिए प्रतिबद्ध कंपनी की एक आपातकालीन बैठक भी हुई जिसमें मीरा मुराती ने यह कहते हुए कर्मचारियों को शांत करने की कोशिश की कि माइक्रोसॉफ्ट के साथ ओपनएआई की साझेदारी स्थिर है। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नदेला ने भी एक बयान जारी कर कहा है, हमारा समझौता दीर्घकालिक है और हम दुनिया को लाभ पहुंचाना जारी रखेंगे।
मीरा मुराती को बनाया अंतरिम सीईओ
ओपनएआई की चीफ टेक्नोलॉजी अधिकारी मीरा मुराती फिलहाल अंतरिम सीईओ के तौर पर काम करेंगी। कंपनी का कहना है कि वह जल्द ही एक स्थायी सीईओ की तलाश कर लेगी। मुराती पहले टेस्ला के लिए काम कर चुकी हैं और 2018 में ओपनएआई के साथ जुड़ी थीं। चैटजीपीटी सहित कई उत्पादों की लॉन्च उनकी निगरानी में हुई थी।
मीरा के लिए बच्चे की तरह है चैट-जीपीटी
अंतरिम सीईओ मीरा के लिए बच्चे की तरह चैट-जीपीटी ओपनएआई की चीफ टेक्नोलॉजी अधिकारी मीरा मुराती को अंतरिम सीईओ बनाया गया है। वह 2018 में ओपनएआई के साथ जुड़ी थीं। ओपन एआई में बतौर सीटीई एआई-चैटबॉट चैट-जीपीटी और टेक्स्ट से तस्वीर बनाने में सक्षम डैल-ई जैसे टूल जैसे उत्पादों की निगरानी उनकी निगरानी में ही हुई थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में चैट-जीपीटी को अपने बच्चे की तरह बनाया था।