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राजकोषीय घाटे में जोरदार इजाफा: चालू वित्त वर्ष में बढ़कर लक्ष्य का 82.7 फीसदी हुआ, फरवरी में सबसे ज्यादा वृद्धि

Thu, 31 Mar 2022 05:36 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Centres Fiscal Deficit Jumps: अप्रैल 2021-फरवरी 2022 में केंद्र का राजकोषीय घाटा बढ़कर वित्त वर्ष 22 के लक्ष्य का 82.7 फीसदी हो गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष 21 मेें पूरे वर्ष के लक्ष्य का 76 प्रतिशत रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय घाटा राज्यों को किए गए हस्तांतरण के कारण बढ़ा है। 
 
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राजकोषीय घाटा - फोटो : सक
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विस्तार
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लेखा महानियंत्रक की ओर से चालू वित्त वर्ष के आखिरी दिन जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2021-फरवरी 2022 में केंद्र का राजकोषीय घाटा बढ़कर वित्त वर्ष 22 के लक्ष्य का 82.7 फीसदी हो गया है। इस संबंध में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी महीने में इसमें सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। जो पूरे साल के लक्ष्य का 58.9 प्रतिशत था।

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पिछले वित्त वर्ष 76 फीसदी था घाटा
गौरतलब है कि वित्तीय घाटा वित्त वर्ष 2021 की इसी अवधि के लिए पूरे वर्ष के लक्ष्य का 76 प्रतिशत रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी महीने में केंद्र ने सबसे ज्यादा नुकसान झेलते हुए 3.79 लाख करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज किए गए दोगुने से अधिक था। इसमें कहा गया है कि फरवरी में राजकोषीय घाटे में भारी वृद्धि दरअसल, राज्यों को हस्तांतरित की गई राशि के कारण हुई। 

राज्यों को हस्तांतरित की गई बड़ी राशि
आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो केंद्र ने जनवरी में राज्यों को हस्तांतरित किए गए 95,082 करोड़ रुपये के मुकाबले फरवरी में 2.42 लाख करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया। नतीजतन, भले ही फरवरी में केंद्र का सकल कर राजस्व सालाना आधार पर 17.6 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, लेकिन शुद्ध कर राजस्व नकारात्मक रूप से 66,550 करोड़ रुपये था। फरवरी में कुल प्राप्तियों में भी 44,236 करोड़ रुपये की कमी देखी गई, जिसके कारण राजकोषीय घाटे को बढ़ाने में मदद मिली। वहीं फरवरी में कुल खर्च 11.0 प्रतिशत बढ़कर 3.34 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें पूंजीगत व्यय 43,495 करोड़ रुपये था।
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विदेशी कर्ज बढ़कर 615 अरब डॉलर
वित्त मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, जहां एक ओर राजकोषीय घाटा बढ़ा है, तो दूसरी ओर देश का विदेशी स्रोतों से लिया गया कर्ज दिसंबर 2021 को समाप्त तिमाही में 11.5 अरब डॉलर बढ़कर 614.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी कर्ज में वाणिज्यिक ऋण की हिस्सेदारी सबसे अधिक 36.8 प्रतिशत रही। उसके बाद प्रवासी जमा (23.1 प्रतिशत) और अल्पकालीन व्यापार कर्ज का स्थान रहा। दिसंबर, 2021 के अंत में एक साल से अधिक समय में परिपक्व होने वाला दीर्घकालीन कर्ज भी बढ़ा है। यह सितंबर, 2021 के मुकाबले 1.7 अरब डॉलर बढ़कर 500.3 अरब डॉलर रहा।

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