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समुद्री व्यापार: केंद्र ने दीनदयाल, जेएनपीटी सहित चार बंदरगाहों को मेगा पोर्ट घोषित किया, इससे क्या फायदा?

Sat, 26 Sep 2026 03:09 PM IST
कुमार विवेक पीटीआई, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने दीनदयाल (कांडला), जवाहरलाल नेहरू (न्हावा शेवा), पारादीप और अदाणी समूह के मुंद्रा पोर्ट को 'मेगा पोर्ट' के रूप में अधिसूचित किया है। यह भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025 के तहत किया गया है, जिससे देश के समुद्री व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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मेगा पोर्ट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने देश के समुद्री व्यापार और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने चार प्रमुख बंदरगाहों को 'मेगा पोर्ट' के रूप में अधिसूचित किया है। इनमें दीनदयाल (कांडला), जवाहरलाल नेहरू (न्हावा शेवा), पारादीप और अडानी समूह का मुंद्रा पोर्ट शामिल हैं।

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बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर इस घोषणा की पुष्टि की है। यह अधिसूचना भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025 (27 ऑफ 2025) की उप-धारा (1) के तहत जारी की गई है। केंद्रीय सरकार ने इस अधिनियम के तहत 'मेगा पोर्ट' के वर्गीकरण के लिए आवश्यक मानदंडों को अधिसूचित किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये सभी चार बंदरगाह निर्धारित मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा करते हैं। 

दीनदयाल, जवाहरलाल नेहरू और पारादीप पहले से ही प्रमुख बंदरगाहों की श्रेणी में थे। मुंद्रा पोर्ट, जो एक गैर-प्रमुख बंदरगाह है, को भी अब मेगा पोर्ट का दर्जा मिल गया है। भारत में वर्तमान में 12 प्रमुख बंदरगाह और 200 से अधिक गैर-प्रमुख बंदरगाह संचालित हैं।

मेगा पोर्ट का दर्जा क्यों दिया गया?

केंद्र सरकार ने भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025 की धारा 73 की उप-धारा (1) के तहत 'मेगा पोर्ट' के वर्गीकरण के लिए मानदंड तय किए हैं। इन मानदंडों को पूरा करने वाले बंदरगाहों को यह विशेष दर्जा दिया गया है। यह कदम देश के समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मेगा पोर्ट का दर्जा मिलने से इन बंदरगाहों पर बड़े जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

भारत के अन्य प्रमुख बंदरगाह कौन से हैं?

भारत के 12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (कांडला) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट भी शामिल हैं, जिन्हें अब 'मेगा पोर्ट' का दर्जा मिला है। इनके अतिरिक्त, मुंबई, मोरमुगाओ, न्यू मैंगलोर और कोचीन भी देश के महत्वपूर्ण प्रमुख बंदरगाह हैं। चेन्नई, एन्नोर (कामराजार) और तूतीकोरिन (वी ओ चिदंबरनार) भी इस सूची का हिस्सा हैं। विशाखापत्तनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) भी भारत के प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार हैं।

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