सरकार जहां घरेलू खपत बढ़ाने की तैयारी कर रही है, वहीं 2019 तक चमड़ा निर्यात और उत्पादन में 10 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है। वर्तमान में देश का चमड़ा निर्यात सालाना 5.66 अरब डॉलर का है और केंद्र सरकार का लक्ष्य इसमें आगामी वित्त वर्ष में 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने का है।
भारत ही नहीं, चमड़े के पहनावों की विदेशों में खासी मांग है। भारत की चमड़ा निर्यात में अच्छी-खासी भागीदारी है। मशहूर कंपनी बावा स्किन के मालिक आत्मजीत सिंह बावा का कहना है कि यह एक सराहनीय कदम है और इससे चमड़ा निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा और निश्चित तौर पर एक क्रांति आएगी। भारतीय उत्पादों की विदेशों में मांग है और अगर निर्यातकों की खपत भारत में अधिक हो जाती है, तो इससे फायदा ही होगा।
सरकार की अधिसूचना का इंतजार
पंजाब लेदर फेडरेशन के सचिव अजय ने कहा कि पिछले छह-सात साल से लेदर इंडस्ट्री की घरेलू खपत स्थिर चल रही थी और केंद्र सरकार का यह आदेश उद्योग में जान पैदा करने वाला है। चमड़ा उद्योग काफी उत्साहित है और सरकार की अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। सरकार कौन-कौन से उत्पादों को भारत में ही खरीदने की सूची जारी करती है, उसके हिसाब से ही उद्यमी अपनी अगली बिजनेस योजना तैयार करेंगे।