सरकार ने छोटे व्यापारियों को राहत देने और उनका अनुपालन बोझ कम करने के लिए जीएसटी नियमों में किए गए कुछ प्रक्रियात्मक बदलाव को अधिसूचित कर दिया है। बदलावों में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के गलत इस्तेमाल पर ब्याज लगाना और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सालाना रिटर्न भरने की टर्नओवर सीमा तय करना शामिल है।
विज्ञापन
अधिसूचित नियमों के मुताबिक, व्यवसायों को आईएमपीएस व यूपीआई जैसी भुगतान प्रणाली के जरिये जीएसटीएन पोर्टल पर कर चुकाने की अनुमति दी गई है। साथ ही 2021-22 में जिन इकाइयों का सालाना कारोबार दो करोड़ रुपये तक है उन्हें 2021-22 के लिए वार्षिक रिटर्न भरने से छूट दी गई है।
ऑर्डर जारी करने को समय-सीमा में भी विस्तार
एएमआरजी एंड एसोसिएट्स में वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा, अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में वित्त वर्ष 2017-18 के ऑर्डर जारी करने के लिए जीएसटी अधिनियम की धारा 73 (कर का निर्धारण) के तहत दी गई समय-सीमा में विस्तार भी शामिल है। अब यह सीमा 30 सिंतबर, 2023 है। हालांकि, किसी अन्य वित्त वर्ष के लिए इसे नहीं बढ़ाया गया है। इन बदलावों को जीएसटी परिषद ने 28-29 जून को हुई बैठक में मंजूरी दी थी।