एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली और बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की सोलर इकाई को दिग्गज रिन्यूएबल कंपनी में अधिग्रहण की प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी मिल गई है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में रिलायंस के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है।
नियामक की ओर से ट्वीट में दी गई जानकारी
रिलायंस की सब्सिडियरी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड को कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) से बुधवार को स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के अधिग्रहण की मंजूरी मिल गई है। कंपनी की ओर से इसके संबंध में पूंजी बाजार नियामक को सूचना भी भेज दी गई है। इसे लेकर नियामक द्वारा किए गए ट्वीट में जानकारी दी गई है कि आयोग ने स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी का अधिग्रहण करने के लिए रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर को मंजूरी दे दी है।
51.07 फीसदी तक की हो सकती है हिस्सेदारी
नियामक के पास दाखिल कांबिनेशन नोटिस के मुताबिक रिलायंस न्यू एनर्जी की योजना स्टर्लिंग एंड विल्सन की सोलर इकाई में 40 फीसदी वोटिंग इक्विटी शेयर कैपिटल को अधिग्रहण करने की है। हालांकि अगर रिलायंस का खुला प्रस्ताव पूरी तरह स्वीकार कर लिया जाता है तो इस अधिग्रहण के तहत रिलायंस की सब्सिडियरी के पास स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी की 51.07 फीसदी तक की हिस्सेदारी हो सकती है। गौरतलब है कि भारत में स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी सोलर इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट व कंस्ट्रक्शन सॉल्यूशंस और ऑपरेशन व मेंटेनेंस सर्विसेज जैसी गतिविधियां को अंजाम देती है।