सीबीआई ने रेलवे के सेवानिवृत्त इंजीनियर एके कठपाल के खिलाफ 14 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर नया मामला दर्ज किया है। भ्रष्टाचार के आरोपों में कठपाल को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि अपने सेवाकाल के अंतिम दो सालों के दौरान विभिन्न टेंडर देने के बदले 5.89 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में कठपाल को जुलाई 2021 में गिरफ्तार किया गया था। उसे यूनिवर्सल इंजीनियर्स चेन्नई प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हमसा वेणुगोपालन से 50 लाख रुपये नकद लेते दबोचा गया था।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि वेणुगोपालन कठपाल को उनकी ओर से रिश्वत लेने में एक बिचौलिये के रूप में मदद कर रहे थे। साथ ही उनके द्वारा ली गई 5.89 करोड़ रुपये की रिश्वत को भी एक संरक्षक के रूप में अपने पास रखा था। 1984 बैच के भारतीय रेलवे सेवा के मैकेनिकल इंजीनियरिंग अधिकारी कठपाल ने सेवानिवृत्त के बाद एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए छोटे-छोटे हिस्सों में रिश्वत की रकम एकत्र करनी शुरू की।
सीबीआई की नई एफआईआर में कहा गया कि कठपाल 26 फरवरी 2019 से 31 मार्च 2021 तक इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई में प्रधान मुख्य मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने अपने और अपने परिवार खासकर बेटे और बेटी के नाम पर 14.61 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की जोकि उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है।
एजेंसी ने आरोप लगाया कि 14.61 करोड़ रुपये की संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 544 फीसदी अधिक है। पिछले साल एजेंसी ने कठपाल के भाई संजय के आवास समेत नौ ठिकानों पर छापा मारा था। इसमें 2.75 करोड़ रुपये नकद के अलावा 23 किलोग्राम सोना भी मिला था।