केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चीन की एक कंपनी से जुड़े कर मुद्दों को निपटाने के लिए कथित तौर पर 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीजीएसटी के एक अधिकारी को मुंबई में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, केंद्रीय वस्तु और सेवा कर (सीजीएसटी) अधीक्षक हेमंत कुमार ने चीन के ग्वांगझू स्थित वेलफुल इंटर-ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित मुद्दों को निपटाने के लिए एक कर सलाहकार से 30 लाख रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने बताया कि कंपनी ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया था और बिचौलिये से इस मुद्दे की जानकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को देने को कहा था जिसने आरोपों का सत्यापन किया। इस दौरान कर सलाहकार को कुमार के साथ बातचीत करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि मुंबई के वडाला रेलवे स्टेशन पर एक बैठक हुई जहां कुमार ने कथित तौर पर मांग को घटाकर 15 लाख रुपये कर दिया।
पुणे में फर्जी तरीके से खाता खोलकर 42 करोड़ रुपये का किया लेनदेन
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 42 वर्षीय एक व्यक्ति के निजी ब्योरे का दुरुपयोग कर दो कंपनियां बनाने और उनके जरिए करीब 42 करोड़ रुपये का लेन-देन करने का मामला सामने आया है। उन्होंने बताया कि यह अपराध तब सामने आया जब एक निजी कंपनी में स्टोरकीपर के तौर पर काम करने वाले उल्हासनगर निवासी को आयकर विभाग का नोटिस मिला जिसमें उसे 46 लाख रुपये से अधिक का कर चुकाने को कहा गया। मामूली वेतन पाने वाले व्यक्ति को 22 मई को आयकर विभाग का नोटिस मिला जिसमें उसे कुछ कर का भुगतान करने के लिए कहा गया था। इसके बाद उन्हें 46.23 लाख रुपये की सामूहिक कर मांग के साथ और नोटिस भेजे गए। व्यक्ति ने आयकर विभाग से पूछताछ की और पाया कि उसके पैन, आधार और अन्य व्यक्तिगत विवरणों का उपयोग करके उल्हासनगर के एक सहकारी बैंक में दो चालू खाते खोले गए थे।