आयकर विभाग ने शुक्रवार को कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष में अब तक 15.47 लाख करदाताओं को 26,276 करोड़ रुपये लौटाए हैं। कुल लौटाई गई राशि में से व्यक्तिगत आयकर मद में 15.02 लाख से अधिक करदाताओं को 7,538 करोड़ रुपये, जबकि कंपनी कर मद में 44,531 करदाताओं को 18,738 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं।
आयकर विभाग ने ट्विटर पर लिखा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अप्रैल, 2021 से 31 मई, 2021 के बीच 15.47 लाख से अधिक करदाताओं को 26,276 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम लौटाई। आयकर विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि राशि किस वित्त वर्ष से जुड़ी है। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि जो रिफंड किए गए हैं, वह वित्त वर्ष 2019-20 के भरे गए कर रिटर्न से संबंधित हैं।
पिछले वित्त वर्ष में विभाग ने 2.38 करोड़ करदाताओं को 2.62 लाख करोड़ रुपये लौटाए थे। वित्त वर्ष 2020-21 में करदाताओं को वापस की गई राशि 2019-20 में लौटाई गई 1.83 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 43.2 प्रतिशत अधिक है।
जारी किया था 17061 करोड़ रुपये का रिफंड
आयकर विभाग ने इससे पहले बताया था कि उसने एक अप्रैल 2021 से 10 मई 2021 तक 13 लाख से अधिक करदाताओं को 17,061 करोड़ रुपये से अधिक वापस किए हैं। 12,71,401 करदाताओं को 5,575 करोड़ रुपये लौटाए गए। कंपनी कर मद में 29,592 मामलों में 11,486 करोड़ रुपये करदाताओं को लौटाए गए।
कोरोना काल में करदाताओं के लिए ये बड़ी राहत की बात है। मालूम हो कि आयकर विभाग ने कहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आत्मनिर्भर भारत योजना की घोषणा किए जाने के बाद से रिफंड वापसी की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने से छूट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में 75 साल से ज्यादा उम्र वाले बुजुर्गों को आयकर रिटर्न भरने से छूट का एलान किया था। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा था कि हम 75 साल या उससे कम उम्र वाले बुजुर्गों पर कानूनी पचड़ों का बोझ कम करने जा रहे हैं। हम ऐसे वरिष्ठ नागरिकों जिन्हें सिर्फ पेंशन और ब्याज से आय होती है, आयकर भरने से छूट देंगे।