नकदी की कमी से जूझ रही श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में 29 वर्षों में पहली बार उपभोक्ता कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर में मुद्रास्फीति का आंकड़ा घटकर ऋणात्मक रूप से 0.5 प्रतिशत यानी -5% हो गया। यानी अर्थव्यवस्था में अवस्फीति की स्थिति दर्ज की गई।
अवस्फीति या अपस्फीति (Deflation) एक आर्थिक स्थिति है जिसमें किसी देश की अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार घटती हैं। यह मुद्रास्फीति की तुलना में एक विपरीत स्थिति है से, जिसमें कीमतें बढ़ती हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की एक उच्चस्तरीय टीम बुधवार को श्रीलंका पहुंचेगी। यह टीम राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली नई सरकार से मुलाकात कर वैश्विक ऋणदाता की ओर से समर्थित नवीनतम आर्थिक सुधारों पर चर्चा करेगी।
24 सितंबर को आईएमएफ ने कहा कि वे राष्ट्रपति दिसानायके के नेतृत्व वाली नई श्रीलंका सरकार के साथ बातचीत शुरू करेंगे। वैश्विक ऋणदाता ने कहा कि वह 48 महीने के ऋण के तहत चल रहे आर्थिक सुधार की तीसरी समीक्षा के समय पर चर्चा करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली सरकार 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर की चौथी किस्त जारी करने के लिए आईएमएफ के साथ बातचीत कर रही थी।