आयकर छूट, कम ब्याज दरें और जीएसटी कटौती की तिकड़ी ने इस त्योहारी सीजन की रौनक बढ़ा दी है। बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल दिखाई दे रही है, जिससे व्यापारियों को उम्मीद है कि नवरात्र की शुरुआत के साथ दिवाली तक चलने वाले मौजूदा त्योहारी सीजन में खरीद-बिक्री के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट जाएंगे। इस बार खास बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आह्वान के बाद खरीदारों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ गई है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया, दिवाली तक चलने वाले त्योहारी सीजन में देशभर के खुदरा बाजारों में 4.75 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक कारोबार होगा। यह पिछले त्योहारी सीजन के 4.25 लाख करोड़ से 11.76 फीसदी ज्यादा है। इसमें प्रमुख रूप से स्वदेशी उत्पादों का योगदान होगा। खंडेलवाल ने बताया, आयकर, ब्याज दर और जीएसटी में मिली राहत ने लोगों में त्योहारी खरीदारी का उत्साह बढ़ा दिया है। नवरात्र और करवा चौथ के बिक्री के शानदार आंकड़े इसकी तस्वीर बयां कर रहे हैं। धनतेरस और दिवाली अभी बाकी है। कैट के मुताबिक, दिवाली तक चलने वाली त्योहारी बिक्री में चार साल से बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पीएम मोदी के आह्वान से चीनी उत्पाद बाजार से गायब
कैट का दावा है कि चीनी उत्पादों के बहिष्कार की प्रवृत्ति साल-दर-साल मजबूत होती जा रही है। गलवां मामले के बाद से व्यापारी और उपभोक्ता दोनों चीनी उत्पादों की खरीद-बिक्री से बच रहे थे। इस दिवाली बाजारों से चीनी उत्पाद लगभग गायब हैं।
हर सेक्टर में बंपर कारोबार
इस त्योहारी सीजन के दौरान एफएमसीजी से लेकर कपड़ा, किराना और वाहन समेत हर क्षेत्र में बंपर बिक्री की उम्मीद है। खरीदार जिन स्वदेशी वस्तुओं के प्रति इस बार खासा उत्साह दिखा रहे हैं, उनमें मिट्टी के दीये, मूर्तियां, वॉल हैंगिंग, हैंडीक्राफ्ट, पूजन की सामग्री, एफएमसीजी उत्पाद, घर के सजावटी सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कपड़ा शामिल हैं।
कुल कारोबार में योगदान
| उत्पाद |
खर्च |
| खाद्य सामग्री-किराना |
13% |
| कपड़ा |
12% |
| गिफ्ट आइटम |
08% |
| इलेक्ट्रॉनिक सामान |
08% |
| कॉस्मेटिक-पर्सनल केयर |
06% |
| मिठाई-नमकीन |
04% |
| इलेक्ट्रिकल सामान |
04% |
| फर्निशिंग-फर्नीचर |
04% |
| फल-ड्राई फ्रूट्स |
03% |
| होम डेकोर |
03% |
| बर्तन-किचनवेयर |
03% |
| पूजा सामग्री |
03% |
| बिल्डर्स हार्डवेयर |
03% |
| कन्फेक्शनरी-बेकरी |
02% |
| विविध वस्तुएं-सेवाएं |
24% |
(विविध में वाहन, खिलौने, स्टेशनरी, पैकेजिंग और ट्रैवल आदि शामिल हैं)