CAG: कैग ने बताया कि बीएसएनएल ने रिलायंस जियो से टावर बुनियादी ढांचा साझा करने पर 10 साल तक कोई वसूली नहीं की, जिससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, बीएसएनएल ने लाइसेंस शुल्क में कमी की।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने मंगलवार को कहा कि दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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कैग ने कहा, भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं (टीआईपी) को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
बयान में कहा गया है कि बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि. (आरजेआईएल) के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट (एमएसए) को लागू करने में विफल रही। बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान हुआ और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।