फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Economy: देश का चालू खाता घाटा बढ़कर 11.5 अरब डॉलर हुआ, प्रमुख इन्फ्रा सेक्टर की वृद्धि दर घटकर 2.9 प्रतिशत

Fri, 28 Mar 2025 06:23 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Indian Economy: भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि अक्तूबर से दिसंबर तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण व्यापार घाटे में इजाफा है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में चालू खाता घाटा 11.5 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 10.4 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% था। 
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि अक्तूबर से दिसंबर तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण व्यापार घाटे में इजाफा है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में चालू खाता घाटा 11.5 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 10.4 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% था। आरबीआई ने कहा कि इस वर्ष जुलाई-सितंबर में घाटा संशोधित 16.7 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.8% था।

फरवरी में प्रमुख इन्फ्रा सेक्टर की वृद्धि दर घटकर 2.9 प्रतिशत

शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर फरवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गयी, जबकि एक साल पहले इसी माह में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

विज्ञापन


मासिक आधार पर, इन क्षेत्रों के उत्पादन में वृद्धि दर जनवरी में दर्ज 5.1 प्रतिशत की वृद्धि से कम रही। इससे पहले विकास दर 2.4 प्रतिशत सितंबर में दर्ज की गई थी। फरवरी माह में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, इस्पात और बिजली की उत्पादन वृद्धि क्रमशः 1.7 प्रतिशत, 0.8 प्रतिशत, 5.6 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष फरवरी में यह 11.6 प्रतिशत, 2.6 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत थी।

एक मई, 2025 से हर अतिरिक्त निकासी पर देना होगा 23 रुपये शुल्क

ग्राहकों को एटीएम से निशुल्क निकासी सीमा खत्म होने के बाद पैसे निकालने पर एक मई, 2025 से प्रति लेनदेन 23 रुपये का शुल्क देना होगा। आरबीआई ने बैंकों को एक मई से एटीएम से पैसा निकालने पर शुल्क दो रुपये बढ़ाने की अनुमति दे दी। वर्तमान में निशुल्क निकासी सीमा के बाद एटीएम से पैसे निकालने पर 21 रुपये शुल्क लगता है। ग्राहक अपने बैंक की एटीएम से हर महीने पांच निशुल्क लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) कर सकते हैं। वे अन्य बैंकों के एटीएम से भी मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) के लिए पात्र हैं। मेट्रो शहरों में ग्राहक तीन और अन्य स्थानों पर पांच निशुल्क लेनदेन कर सकते हैं। आरबीआई ने कहा, ये निर्देश कैश रिसाइक्लर मशीन (नकद जमा लेनदेन के अलावा) पर किए गए लेनदेन पर भी लागू होंगे।

विज्ञापन


राजकोषीय घाटा तय लक्ष्य का 85.8 फीसदी
केंद्र का राजकोषीय घाटा फरवरी, 2025 अंत तक पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 85.8 फीसदी पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2023-24 के संशोधित अनुमान का 86.5 फीसदी था। शुक्रवार को जारी महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र का शुद्ध कर राजस्व 20 लाख करोड़ या 2024-25 के संशोधित अनुमान का 78.8 फीसदी रहा। 

आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में केंद्र का कुल खर्च 38.93 लाख करोड़ या संशोधित अनुमान का 82.5 फीसदी था। केंद्र का राजकोषीय घाटा 2024-25 के लिए जीडीपी का 4.8 फीसदी और 2025-26 के लिए 4.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। 
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें