भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि अक्तूबर से दिसंबर तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा बढ़ गया है। इसका मुख्य कारण व्यापार घाटे में इजाफा है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में चालू खाता घाटा 11.5 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 10.4 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.1% था। आरबीआई ने कहा कि इस वर्ष जुलाई-सितंबर में घाटा संशोधित 16.7 बिलियन डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद का 1.8% था।
शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की वृद्धि दर फरवरी में घटकर पांच महीने के निचले स्तर 2.9 प्रतिशत पर आ गयी, जबकि एक साल पहले इसी माह में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
ग्राहकों को एटीएम से निशुल्क निकासी सीमा खत्म होने के बाद पैसे निकालने पर एक मई, 2025 से प्रति लेनदेन 23 रुपये का शुल्क देना होगा। आरबीआई ने बैंकों को एक मई से एटीएम से पैसा निकालने पर शुल्क दो रुपये बढ़ाने की अनुमति दे दी। वर्तमान में निशुल्क निकासी सीमा के बाद एटीएम से पैसे निकालने पर 21 रुपये शुल्क लगता है। ग्राहक अपने बैंक की एटीएम से हर महीने पांच निशुल्क लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) कर सकते हैं। वे अन्य बैंकों के एटीएम से भी मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन) के लिए पात्र हैं। मेट्रो शहरों में ग्राहक तीन और अन्य स्थानों पर पांच निशुल्क लेनदेन कर सकते हैं। आरबीआई ने कहा, ये निर्देश कैश रिसाइक्लर मशीन (नकद जमा लेनदेन के अलावा) पर किए गए लेनदेन पर भी लागू होंगे।