मीडिया में एडटेक कंपनी बायजू के अपनी समूह की कंपनियों में 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की खबरों के बीच कंपनी की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि बायजू अपने समूह की कंपनियों की टीमों को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के 500 से भी कम कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
बायजू की ओर से कहा गया है कि मीडिया में जो खबरें फैलायी जा रही हैं वह पूरी तरह से भ्रामक हैं। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अपनी व्यावसायिक प्राथमिकताओं को फिर से जांचने और अपने दीर्घकालिक विकास में तेजी लाने के लिए, हम अपनी समूह की कंपनियों में अपनी टीमों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इस पूरी कवायद में 500 से भी कम कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं।
आपको बता दें कि मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि बायजू कंपनी अपने कॉस्ट कटिंग के लिए ग्रुप कंपनियों से 2500 कर्मचारियों को हटा रही है। उससे एक दिन पहले ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बायजू ने पिछले साल अधिग्रहण के जो डील फाइनल किये थे उनके भुगतान में कंपनी की ओर से देरी की जा रही है।
वहीं पीटीआई की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बायजू ग्रुप की एक कंपनी Toppr ने इस हफ्ते से पहले लगभग 1100 कर्मचारियों जो कि कंपनी के मानव बल का लगभग 36 प्रतिशत है को हटा दिया है। पीटीआई की यह रिपोर्ट कंपनी की ओर से हटाये गए कर्मचारियों के हवाले से लिखी गई है।
Toppr के कर्मियों ने बताया है कि उन्हें कंपनी की तरफ से सोमवार को एक कॉल आया जिसमें उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें यह भी कहा गया है कि अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया तो उन्हें बिना किसी नोटिस के बर्खास्त कर दिया जाएगा।
Toppr के एक कर्मी ने नाम ना डिस्क्लोज करने की शर्त पर बताया कि मैं कंपनी में कैमिस्ट्री के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट टीम का हिस्सा हूं। मेरी पूरी टीम को निकाल दिया गया है। कंपनी ने अपनी ओर से कहा है कि जो खुद इस्तीफा देंगे उन्हें एक महीने की सैलरी दी जाएगी वहीं, जो लोग ऐसा नहीं करेंगे उन्हें कुछ भी नहीं मिलेगा। इस बारे में जब Toppr के सह संस्थापक जेशान हयात से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।