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Byju's: बायजू के बोर्ड से 'परिवार' को हटाने के लिए ईजीएम में वोटिंग; रवींद्रन रहे दूर, चार निवेशक NCLT पहुंचे

Fri, 23 Feb 2024 08:37 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Byju's: ईजीएम से पहले, बायजू के चार निवेशकों के एक समूह ने गुरुवार शाम को एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ में कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ उत्पीड़न और कुप्रबंधन का मुकदमा दायर किया। याचिका में सीईओ बायजू रवींद्रन सहित संस्थापकों को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने और एक नए बोर्ड की नियुक्ति करने की मांग की गई है।
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बायजू रवींद्रन - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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एजुटेक बायजू के 60 प्रतिशत से अधिक शेयरधारकों ने शुक्रवार को बायजू के संस्थापक सीईओ बायजू रवींद्रन और उनके परिवार को कथित तौर पर 'कुप्रबंधन और विफलताओं' के चलते हटाने के पक्ष में मतदान किया। हालांकि, दूसरी ओर, कंपनी ने लेकिन एड़ी चोटी का जोर लगाते हुए  संस्थापकों की अनुपस्थिति में कराए गए मतदान को "अमान्य" कहा। बायजू के शेयरधारकों की एक असाधारण आम बैठक (ईजीएम) शुक्रवार को हुई। ईजीएम में कुछ निवेशकों की ओर से कंपनी के संस्थापक सीईओ बायजू रवींद्रन और उनके परिवार पर कथित 'कुप्रबंधन और विफलताओं' का आरोप लगाकर उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर मतदान किया गया। हालांकि, रवींद्रन और उनका परिवार ईजीएम से दूर रहे और इसे प्रक्रियात्मक रूप से अमान्य बताया।   

बायजू के चार निवेशकों ने एनसीएलटी में दायर की याचिका

ईजीएम से पहले, बायजू के चार निवेशकों के एक समूह ने गुरुवार शाम को एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ में कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ उत्पीड़न और कुप्रबंधन का मुकदमा दायर किया। याचिका में सीईओ बायजू रवींद्रन सहित संस्थापकों को कंपनी चलाने के लिए अयोग्य घोषित करने और एक नए बोर्ड की नियुक्ति करने की मांग की गई है। याचिका में हाल ही में समाप्त हुए राइट्स इश्यू को रद्द करने और खातों का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की गई है। मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि ईजीएम शुक्रवार सुबह 0930 बजे शुरू होनी थी, लेकिन लगभग एक घंटे की देरी हुई क्योंकि लगभग 200 लोग, जिनमें से कुछ बायजू के कर्मचारी हैं, ईजीएम में वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। 

संस्थापक बायजू रवींद्रन ने बयान जारी कर पारित किए गए प्रस्तावों को अमान्य बताया

हालांकि, ईजीएम में हुई वोटिंग का परिणाम 13 मार्च तक लागू नहीं होगा, इस दिन कर्नाटक उच्च न्यायालय कुछ निवेशकों द्वारा इस कदम को चुनौती देने वाली रवींद्रन की याचिका पर अगली सुनवाई करेगा। उच्च न्यायालय ने बुधवार को ईजीएम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। ईजीएम में बायजू में 32 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों द्वारा सामूहिक रूप से बुलाया गया था। कंपनी में रवींद्रन और परिवार की 26.3 फीसदी हिस्सेदारी है।

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ईजीएम के परिणाम घोषित होने से पहले ही संस्थापक बायजू रवींद्रन ने एक बयान जारी कर कहा कि ईजीएम के दौरान चुनिंदा शेयरधारकों के एक छोटे समूह की ओर से प्रस्ताव पारित किए गए जो अमान्य और अप्रभावी हैं।

ईजीएम की नोटिस में थिंक एंड लर्न के वर्तमान बोर्ड को हटाने की मांग की गई

ईजीएम नोटिस में थिंक एंड लर्न के वर्तमान बोर्ड को हटाने की मांग की गई है, जो बायजू का संचालन करती है, इसमें रवींद्रन, उनकी पत्नी और सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ और उनके भाई रिजु रवींद्रन शामिल हैं। उधर, दूसरी ओर बायजू के चार निवेशकों ने गुरुवार शाम नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के समक्ष याचिका दायर की। याचिका में कंपनी के फोरेंसिक ऑडिट की मांग की गई है। याचिका में फॉरेंसिक ऑडिट और प्रबंधन को निवेशकों के साथ जानकारी साझा करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।

सूत्रों ने बताया कि याचिका में मांग की गई है कि हाल में पूरी हुई 20 करोड़ डॉलर की राइट्स ऑफर को रद्द किया जाए और कंपनी को ऐसा कोई कॉरपोरेट कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे निवेशकों के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़े। याचिका पर चार निवेशकों - प्रोसस, जीए, सोफिना और पीक एक्सवी की ओर से हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्हें टाइगर और आउल वेंचर्स सहित अन्य शेयरधारकों का भी समर्थन प्राप्त है। यह याचिका सभी शेयरधारकों को हो रहे नुकसान को रोकने के साथ-साथ अन्य हितधारकों- जैसे कर्मचारियों और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए दायर की गई है।

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