तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की मौजूदगी में गुरुवार को राज्य सरकार और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) के बीच 18,600 करोड़ रुपये के तीन परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इससे करीब 8,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री विजय ने एलएंडटी अध्यक्ष एसएन सुब्रमण्यन से चर्चा कर निवेश की सराहना की। यह समझौता डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और जहाज निर्माण के तीन क्षेत्रों से संबंधित है। कांचीपुरम में डेटा सेंटर विस्तार में 15,000 करोड़ रुपये लगेंगे, 500 रोजगार सृजित होंगे। कोयंबटूर में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में 2,500 करोड़ रुपये लगेंगे, 2,000 रोजगार सृजित होंगे। कट्टुपल्ली में जहाज निर्माण सुविधा विस्तार में 1,100 करोड़ रुपये लगेंगे, 5,700 रोजगार मिलेंगे। ये परियोजनाएं 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होंगी। यह मुख्यमंत्री विजय के पदभार संभालने के बाद पहला औद्योगिक समझौता है।
समझौते के बाद मिंत्रा के खिलाफ फेमा का मामला बंद: ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दी गई "अनापत्ति" के आधार पर आरबीआई द्वारा समझौता आदेश जारी करने के बाद फ्लिपकार्ट समर्थित ऑनलाइन फैशन और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म मिंत्रा के खिलाफ एफईएमए की जांच "समाप्त" कर दी गई है।
ईडी ने एक बयान में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 20 अप्रैल को मिंत्रा डिजाइन्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में यह आदेश जारी किया था। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले साल "विश्वसनीय" जानकारी के आधार पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ जांच शुरू की थी।
नियामक संदर्भ में समझौता आदेश का अर्थ किसी प्राधिकरण द्वारा लिया गया एक औपचारिक निर्णय है जिसके तहत दोषी को अभियोजन का सामना करने के बजाय मौद्रिक जुर्माना अदा करने की अनुमति देकर अपराध का निपटारा किया जाता है।
एजेंसी लगभग 46 करोड़ रुपये के लेन-देन से संबंधित FEMA के दो कथित उल्लंघनों के लिए कंपनी की जांच कर रही थी। ईडी के अनुसार, मिंत्रा ने मामले को निपटाने या बंद करने के लिए 2.88 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान किया।