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बिजनेस अपडेट्स: त्योहार में चीनी मिलों को अतिरिक्त बिक्री की अनुमति; डेलॉयट का अनुमान- 7.3% से बढ़ेगी जीडीपी

Sat, 17 Oct 2026 09:21 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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केंद्र सरकार ने त्योहारों के दौरान चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चीनी मिलों को अतिरिक्त बिक्री की अनुमति दी है। अब मिलें अक्तूबर 2026 में उत्पादित चीनी को अक्तूबर और नवंबर, दोनों महीनों में बेच सकेंगी। यह बिक्री उनके नियमित मासिक कोटे के अतिरिक्त होगी। खाद्य मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी चीनी मिलों को जारी निर्देश में कहा कि अक्तूबर 2026 में उत्पादित चीनी को अक्तूबर और नवंबर 2026 में बेचने की अनुमति दी जाती है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य त्योहारों के मौसम में बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना है। नियमित मासिक कोटे के अतिरिक्त बिक्री की छूट मिलने से दोनों महीनों में चीनी की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 
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डेलॉयट ने 7.3% जीडीपी ग्रोथ का जताया अनुमान
भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.1 से 7.3% की दर से बढ़ सकती है। निजी निवेश में लगातार सुधार से मांग को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। डेलॉयट इंडिया नेअपने आर्थिक अनुमान में यह बात कही। हालांकि, रिपोर्ट में भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में बाधाओं को आर्थिक विकास के लिए जोखिम बताया गया है। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, कारोबारियों को बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत वित्तीय स्थिति और उत्पादन क्षमता के अधिक इस्तेमाल का लाभ मिल रहा है। इससे कारोबार के विस्तार की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। अगले वित्त वर्ष में 6.6-7% वृद्धि का अनुमानः डेलॉयट के मुताबिक, भारत की जीडीपी वित्त वर्ष 2026-27 में 7.1 से 7.3% और वित्त वर्ष 2027-28 में 6.6 से 7% की दर से बढ़ सकती है। निजी निवेश में लगातार सुधार से अर्थव्यवस्था को मांग का एक अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। 
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FSIB के नए अध्यक्ष बने एससीएल दास, तीन साल का होगा कार्यकाल
केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों की सिफारिश करने वाले वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (एफएसआईबी) का नए सिरे से गठन किया है। पूर्व एमएसएमई सचिव एससीएल दास को इसका नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तारीख से तीन साल का होगा। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के मौजूदा अध्यक्ष दास के साथ छह सदस्य भी काम करेंगे। इनमें भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक अरिजीत बसु, आरबीआई के पूर्व निदेशक सतीश काशीनाथ मराठे और पूर्व कार्यकारी निदेशक रमनाथन सुब्रमणियन शामिल हैं। अन्य सदस्यों में एलआईसी के पूर्व प्रमुख सिद्धार्थ मोहंती, न्यू इंडिया एश्योरेंस की पूर्व सीएमडी नीरजा कपूर और आईआरडीएआई की पूर्व सदस्य टीएल अलामेलु शामिल हैं। पहले तीन सदस्य सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में नियुक्तियों से जुड़े चयन में मदद करेंगे, जबकि बाकी तीन सरकारी बीमा कंपनियों के निदेशकों के चयन का काम देखेंगे। FSIB की सिफारिशों पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति लेती है। सरकार ने 2022 में इस ब्यूरो का गठन किया था।

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एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंध निदेशक भरूचा ने दिया इस्तीफा
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने एक्सचेंजों को सूचित किया कि भरूचा, जो 1995 से बैंक के साथ हैं, ने 31 दिसंबर से सेवा समाप्त करने का अनुरोध किया है।

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने भरूचा के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और इसे मंजूरी के लिए आरबीआई को भेजा जाएगा। यह इस्तीफा प्रतिद्वंद्वी आईसीआईसीआई समूह के अनुभवी अनुप बागची के 27 अक्टूबर को एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में पदभार संभालने से कुछ दिन पहले आया है। खबरों के मुताबिक, वह प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर पदोन्नत होने की दौड़ में थे।
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