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Biz Updates: जीएसटी परिषद की 12 सितंबर को बैठक, बड़े कारोबारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण आसान करने पर होगी चर्चा

Sat, 29 Aug 2026 07:59 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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शेयर बाजार नियामक- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने डिबॉक इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक मुकेश सिंह पर कड़ी कार्रवाई की है। सेबी ने दोनों को सात साल के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। मामला कथित अकाउंटिंग फ्रॉड और वित्तीय आंकड़ों में हेरफेर से जुड़ा है। सेबी के मुताबिक कंपनी ने फर्जी बिक्री और खरीद दिखाकर अपने वित्तीय आंकड़े बढ़ाए। सर्कुलर लेनदेन के जरिए भी आंकड़ों में हेरफेर किया गया।

  • सेबी ने कुल 59.30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई जब्त करने का आदेश दिया।
  • कंपनी को राइट्स इश्यू से डायवर्ट किए गए 49 करोड़ रुपये वापस करने होंगे।
  • इस रकम पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
  • कंपनी और अन्य लोगों पर कुल 29 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना।
  • मुकेश सिंह पर अकेले 20.10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा।

सेबी ने कहा कि फर्जी लेनदेन के जरिए कंपनी के वित्तीय आंकड़ों को बढ़ाया गया। बाद में फर्जी तरीके से हासिल करीब 4.21 करोड़ शेयर निवेशकों को बेच दिए गए। सेबी ने सुनील कलोट पर पांच साल और प्रियंका शर्मा तथा गौरव जैन पर तीन साल का बाजार प्रतिबंध लगाया है।

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IPO अनियमितताओं के बाद ट्रैफिकसोल पर सेबी की कार्रवाई
सेबी ने ट्रैफिकसोल आईटीएस टेक्नोलॉजिज लिमिटेड (Trafiksol ITS Technologies Ltd) और उसके प्रमोटर-निदेशकों जितेंद्र दास और पूनम दास पर कार्रवाई की है। तीनों को एक साल के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सेबी ने कुल 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कंपनी के SME IPO को सितंबर 2024 में 345.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। IPO से कंपनी ने करीब 44.87 करोड़ रुपये जुटाए थे।

  • कंपनी पर 30 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
  • जितेंद्र दास पर 50 लाख और पूनम दास पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगा।
  • तीनों को 45 दिन में जुर्माना भरना होगा।

सेबी ने IPO से जुटाई रकम के इस्तेमाल और वित्तीय खुलासों में गंभीर अनियमितताएं पाईं। करीब 17.70 करोड़ रुपये सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए रखे गए थे। सेबी के मुताबिक, कंपनी ने ओएसिस कॉर्पकेयर (Oasis Corpcare) से जुड़ा एक कथित फर्जी कोटेशन इस्तेमाल किया। इस विक्रेता की तकनीकी क्षमता पर भी सवाल थे। शिकायतों के बाद BSE ने कंपनी की लिस्टिंग टाल दी थी। सेबी ने मामले की विस्तृत जांच के बाद यह कार्रवाई की।

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जीएसटी परिषद की 12 सितंबर को बैठक
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक 12 सितंबर को नई दिल्ली में होगी। बैठक में बड़े कारोबारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इससे पहले 11 सितंबर को अधिकारियों की बैठक होगी।

12 सितंबर की बैठक में ऐसे कारोबारियों के जीएसटी पंजीकरण को सरल बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है, जो हर महीने 2.5 लाख रुपये से अधिक का टैक्स क्रेडिट आगे बढ़ाते हैं। इसके साथ ही जीएसटी पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया में ऑटोमेशन और अन्य बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल बड़े कारोबारियों के जीएसटी पंजीकरण को लेकर केंद्रीय जीएसटी और अलग-अलग राज्यों के अधिकारियों की प्रक्रियाओं में एकरूपता नहीं है। इससे करदाताओं के बीच अनिश्चितता की स्थिति बनती है।

5 महीने में विनिवेश का 78% लक्ष्य पूरा, मिले 62,000 करोड़
केंद्र ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर महज पांच महीने में ही सालाना विनिवेश लक्ष्य का करीब 78 फीसदी हिस्सा जुटा लिया है। अप्रैल से अगस्त के दौरान सरकार को कुल 62,124 करोड़ रुपये मिले हैं। पूरे वित्त वर्ष के लिए इस मद से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्षों में सरकार कई बार तय लक्ष्य से काफी पीछे रही थी। सबसे बड़ा योगदान भारतीय जीवन बीमा निगम की हिस्सेदारी बिक्री का रहा। कुल रकम का आधे से ज्यादा करीब 31,515 करोड़ अकेले वहीं से आया। इसके अलावा, कोल इंडिया में 2 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से 5,542 करोड़ और एनएचपीसी में 6.01 फीसदी हिस्सेदारी घटाने से सरकार को 4,357 करोड़ रुपये मिले। इसी हफ्ते हिंदुस्तान कॉपर के विनिवेश से 3,041 करोड़ जुटाए गए हैं। इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, जीआईसी, आईआरएफसी  और कोचीन शिपयार्ड जैसी सरकारी कंपनियों में भी हिस्सेदारी बेची गई है।

संदीप सिक्का फिर बने एम्फी के चेयरमैन
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट के एमडी व सीईओ संदीप सिक्का को फिर से अपना चेयरमैन चुना है। बंधन एएमसी के विशाल कपूर उपाध्यक्ष होंगे। एम्फी देश में म्यूचुअल फंड उद्योग की शीर्ष संस्था है। यह पंजीकृत कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है।

बजट 2027-28 की तैयारी 12 अक्तूबर से होगी शुरू
वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष 2027-28 के आम बजट की तैयारियां 12 अक्तूबर 2026 से शुरू करेगा। बजट ऐसे समय तैयार किया जा रहा है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और खाद्य एवं ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव है। सरकार का फोकस आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और घरेलू मांग को मजबूत करने पर रहने की उम्मीद है।

आर्थिक मामलों के विभाग की ओर से जारी बजट सर्कुलर के मुताबिक, प्री-बजट बैठकें 12 अक्तूबर से शुरू होंगी और नवंबर के मध्य तक चलेंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता व्यय सचिव करेंगे। मंत्रालयों और विभागों को अपने प्रस्तावों और जरूरी आंकड़ों को यूनियन बजट इंफॉर्मेशन सिस्टम में 6 अक्तूबर तक दर्ज करना होगा। आंकड़ों के सत्यापन के लिए निर्धारित प्रारूप में उनकी हार्ड कॉपी भी जमा करनी होगी।

इंजीनियर्स इंडिया करेगी सड़कों की जांच
सड़क परिवहन मंत्रालय 5,000 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराएगा। इसके लिए सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी इंजीनियर्स इंडिया को थर्ड-पार्टी निरीक्षण एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सड़क में इस्तेमाल होने वाली सामग्री तय मानकों के मुताबिक हो।

आरबीएल बैंक को 103 करोड़ का नोटिस
आरबीएल बैंक को कथित तौर पर कम जीएसटी भुगतान करने के लिए मुंबई के आयकर विभाग से 103.76 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस मिला है। यह मामला बैंक के डिजिटल बैंकिंग कारोबार के लिए जीएसटी पंजीकरण के तहत लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित है। बैंक के अनुसार, इससे वित्तीय स्थिति पर कोई  प्रतिकूल प्रभाव नहीं होगा।

विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 729.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 9.48 अरब डॉलर बढ़ीं। देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.8 अरब डॉलर बढ़कर 114.22 अरब डॉलर हो गया। 
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शशिधर जगदीशन 26 अक्तूबर को HDFC बैंक के एमडी और सीईओ पद से होंगे रिटायर
HDFC बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की आज हुई बैठक में उनके फैसले पर चर्चा हुई। बोर्ड ने उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन जगदीशन ने अपने निर्णय पर कायम रहने की बात कही। इसके बाद तय हुआ कि वह 26 अक्तूबर 2026 को कामकाज खत्म होने के बाद बैंक की सेवा से रिटायर होंगे। बोर्ड ने बैंक की ग्रोथ और स्थिरता में उनके योगदान और नेतृत्व की सराहना की। बैंक के बड़े मर्जर को सफलतापूर्वक पूरा कराने में उनकी भूमिका को भी अहम बताया गया।

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