टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि भारत को वैश्विक कार्बन उत्सर्जन की समस्या को हल करने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए नवाचार और तकनीक की आवश्यकता होगी।
चंद्रशेखरन ने यह बात बंबई हाउस में टाटा समूह की मुख्यालय पर आयोजित पुस्तक 'होप फॉर लाइफ ऑन आवर प्लैनेट: इंस्पिरेशन फॉर सेवन जेनरेशन' के लॉन्च के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि भारत पश्चिमी देशों के समान आर्थिक प्रगति के लिए उतनी कार्बन उत्सर्जन क्षमता नहीं रख सकता, इसलिए हमें वैश्विक स्तर पर योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, भारत एक समृद्ध अर्थव्यवस्था रहा है और देश की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। न केवल सरकार की ओर से, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लोगों की, चाहे वह व्यवसाय हो, खेल हो, कला हो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आकांक्षाएं बढ़ रही हैं। कार्बन उत्सर्जन मुख्यतः ऊर्जा के लिए जीवाश्म ईंधन जलाने से वायुमंडल में कार्बन युक्त गैसों, खासकर कार्बन डाइऑक्साइड, के उत्सर्जन को कहते हैं।
सरकारी बैंकों की पूंजी निजी की तुलना में सितंबर में जमकर बढ़ी
वैश्विक अस्थिरता के बीच सरकारी बैंकों की स्थिति मजबूत बनी हुई है। जुलाई-सितंबर में सरकारी बैंकों के बाजार पूंजीकरण में इजाफा हुआ। दूसरी तरफ इसी दौरान निजी बैंकों की पूंजी में गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी ग्लोबल के मुताबिक, एचडीएफसी बैंक की पूंजी 4.8 फीसदी घट गई। आईसीआईसीआई बैंक की पूंजी मेें 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई। अन्य निजी क्षेत्र के बैंकों जैसे कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक की भी पूंजी में दूसरी तिमाही में गिरावट दर्ज की गई है। इंडसइंड बैंक का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक 15.7 प्रतिशत घट गया है। शीर्ष सात बैंकों ने शेयर बाजार में बाजार पूंजीकरण रैंकिंग बरकरार रखी है। एसबीआई का बाजार पूंजीकरण तिमाही में 10 प्रतिशत बढ़ा है। बैंक ऑफ बड़ौदा का 3.9 व पंजाब नेशनल बैंक की पूंजी 2.1 प्रतिशत बढ़ी है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लोन 17% बढ़ा
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि की है। लोन आकार 2.54 लाख करोड़ हो गया है। 30 सितंबर, 2024 तक 2.17 लाख करोड़ लोन दिया था। जमा 2.76 लाख करोड़ से 12.1 प्रतिशत बढ़कर 3.09 लाख करोड़ हो गया।
सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 60.9 पर पहुंची
नए कारोबार और गतिविधियों में धीमी गति के चलते देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर सितंबर में घटकर 60.9 पर आ गई। अगस्त में यह 15 साल के उच्च स्तर 62.9 पर थी। प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों और लागत नियंत्रण उपायों के बीच मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई इस नरमी के बावजूद 50.0 से ऊपर रहा जो उत्पादन में वृद्धि का संकेत है। खरीद प्रबंध सूचकांक (पीएमआई) का 50 से ऊपर होना मजबूती और इससे नीचे गिरावट का संकेत है। एचएसबीसी की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, अधिकांश ट्रैकर्स में नरमी आई, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं दिखा जिससे पता चले कि सेवाओं में विकास की गति में कोई बड़ी गिरावट आई है।
सेवा निर्यात बढ़कर 102 अरब डॉलर के पार
देश का सेवा निर्यात सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़कर 102 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, आयात भी 4.2 फीसदी बढ़कर 48 अरब डॉलर हो गया। 2024-25 में कुल व्यापार 1.73 लाख करोड़ डॉलर रहा। इसमें 823 अरब डॉलर का निर्यात और 908 अरब डॉलर का आयात शामिल है। मिनरल फ्यूल, इलेक्ट्रिकल मशीनरी व न्यूक्लियर रिएक्टर प्रमुख निर्यात श्रेणियां थीं।
सेबी ने सोशल मीडिया से एक लाख से ज्यादा सामग्री हटाई
सेबी ने 18 महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से 1 लाख से ज्यादा गैरकानूनी सामग्री हटाई है। ऐसे में भोले-भाले निवेशकों को धोखेबाजों से बचने की जरूरत है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा, गूगल और मेटा जैसे प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी सामग्री के मुद्दे को उठाया है। मुंबई में एक कार्यक्रम में चेयरमैन ने कहा, तकनीकी उपकरणों के आगमन ने अपराधियों के लिए निवेशकों को धोखा देने वाली समस्याग्रस्त सामग्री पोस्ट करना आसान बना दिया है। हमारी कोशिश है कि कोई भी निवेशक इसका शिकार न बने। हाल में सेबी के सर्वे में पता चला कि केवल 36 प्रतिशत लोगों को ही पूंजी बाजारों के बारे में ज्यादा या मध्यम स्तर की जानकारी है। इससे पता चलता है कि बहुत से लोग भ्रामक सामग्री के प्रति संभावित रूप से संवेदनशील हैं। पांडे ने कहा, यह ज्ञान का अंतर एक ऐसी कमजोरी है जो हमारे निवेशकों को जोखिमों और धोखाधड़ी के प्रति संवेदनशील बनाती है।
जन औषधि: बदल सकती है नीति, नजदीक नहीं होंगी दुकानें
जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाओं के खुदरा विक्रेताओं ने सरकार से शून्य दूरी नीति की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। यह अनुरोध स्वीकार किया जाता है तो आस-पास में इस केंद्र की दो दुकानें नहीं होंगी। फिर एक तय दूरी पर ही दूसरी दुकान खोलनी होगी। दस राज्यों के प्रतिनिधियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पीएमबीजेके रिटेलर्स एसोसिएशन ने सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर यह अपील ही है। एसोसिएशन के महासचिव सुरेश मित्तल ने शहरी क्षेत्रों में दुकानें स्थापित करने की संशोधित नीति को समाप्त करने का अनुरोध किया। भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) ने नई दुकानें स्थापित करने के लिए नीति में संशोधन किया है। नए ढांचे के तहत, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में, दो दुकानों के बीच न्यूनतम 1 किमी की दूरी बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा एसोसिएशन ने 22 सितंबर से प्रभावी जीएसटी सुधारों के कारण हुए नुकसान के लिए वित्तीय सहायता की मांग की है। 11 जून, 2025 तक देश भर में 16,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं।
कतर में लॉन्च हुआ भारत का यूपीआई
भारत का एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) कतर में पहुंच गया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोहा में लुलु हाइपरमार्केट में भारत का अपना यूपीआई लॉन्च किया। इससे दोनों देशों के बीच निर्बाध और लागत प्रभावी लेनदेन संभव हो गया है। यह कदम वैश्विक स्तर पर अपनी डिजिटल भुगतान सेवाओं का विस्तार करने और अन्य देशों के साथ वित्तीय संबंधों को मजबूत करने के भारत के प्रयास का हिस्सा है ।
एक्स पर लॉन्च की घोषणा करते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि यह लॉन्च डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान में आसानी के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है, जो सीमा पार व्यापार को सुगम बनाने और 'डिजिटल इंडिया ' पहल का लाभ उठाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है । उन्होंने आगे कहा कि यह प्रणाली कतर नेशनल बैंक के पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) टर्मिनलों पर चालू है, जो कतर के बाज़ार के एक बड़े हिस्से को कवर करती है । उनके अनुसार, इस कदम से भारतीय यात्रियों को मदद मिलेगी और भारत और कतर के बीच व्यापार एवं पर्यटन को मजबूती मिलेगी।
असम कैबिनेट ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दी
असम कैबिनेट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को एक विकल्प के रूप में लागू करने को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह योजना कर्मचारियों को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करेगी और इसका लाभ बाजार रिटर्न पर निर्भर नहीं होगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने तमिलनाडु के एक पावर प्लांट में इमारत ढहने की घटना में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। यह सहायता कंपनी की ओर से मिलने वाले मुआवजे के अतिरिक्त होगी।
सरकार IDBI बैंक का शेयर बिक्री वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले पूरा करने में आश्वस्त
वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने कहा कि सरकार इस वित्त वर्ष के अंत से पहले IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री पूरी करने के लिए आश्वस्त है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी। नागराजू ने यह भी पुष्टि की कि सरकार अन्य सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी की बिक्री (OFS) की प्रक्रिया भी उसी समयसीमा में पूरी करने के मार्ग पर है। उन्होंने कहा कि बिक्री प्रक्रिया योजना के अनुसार प्रगति कर रही है और वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा।
आरबीआई ने बैंकों के लिए ऋण जोखिम से जुड़े मानदंडों में बदलाव का दिया प्रस्ताव
भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैंकों में ऋण जोखिम प्रबंधन प्रथाओं को और मजबूत करने और वित्तीय संस्थानों में व्यय-हानि-आधारित प्रावधान ढांचे को अधिक तुलनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) आधारित प्रावधान के साथ बदलने का प्रस्ताव किया। प्रस्तावित दिशानिर्देशों से ऋण जोखिम प्रबंधन प्रथाओं में वृद्धि होने तथा विभिन्न संस्थानों में रिपोर्ट किए गए वित्तीय विवरणों की बेहतर तुलना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।