दशहरा के दिन लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड एफटीए
भारत न्यूजीलैंड व्यापार समझौता दशहरे के दिन यानी 20 अक्तूबर से लागू होने जा रहा है। इसके जरिये भारतीय निर्यात के 100 फीसदी हिस्से को न्यूजीलैंड के बाजारों में शुल्क मुक्त पहुंच मिल जाएगी। इससे वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद समेत तमाम उत्पाद शामिल हैं। इसके साथ ही न्यूजीलैंड की लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े सहित तमाम उत्पादों को भारतीय बाजार में तरजीही मिलेगी। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को इसकी घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। इस मौके पर उन्होंने न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले से वर्चुअली बात भी की। गोयल ने कहा कि यह
समझौता दशहरा के शुभ अवसर पर लागू होगा। दोनों देशों का लक्ष्य अगले चार से पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।
डेयरी उत्पादों को संरक्षण
भारत ने कई संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा है। इनमें दूध, क्रीम, पनीर, दही जैसे डेयरी उत्पादों के साथ-साथ प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबर शामिल हैं। समझौते के तहत न्यूजीलैंड की कंपनियां 15 साल में भारत में 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
सीईपीए वार्ता 5 अक्तूबर से
उधर, भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है और वार्ता का अगला दौर पांच अक्तूबर से शुरू होगा और लगभग पांच दिनों तक चलेगा।