फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Biz Updates: आईडीबीआई के विनिवेश पर सरकार की ओर से आया अपडेट, भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.2% रहने का अनुमान

Tue, 07 Apr 2026 06:57 PM IST
Jyoti Bhaskar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
विज्ञापन
बिजनेस अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

आईडीबीआई बैंक के लिए दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मंगाएगी सरकार

विज्ञापन

सरकार आईडीबीआई बैंक के दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मंगवा सकती है क्योंकि उनकी मूल बोली राशि बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए निर्धारित आरक्षित मूल्य से कम थी। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री तकनीकी मूल्यांकन के चरण में है।" अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच, सरकार संसाधनों को जुटाने और वैश्विक अनिश्चितता से अर्थव्यवस्था को बचाने के उपायों के लिए राजकोषीय गुंजाइश बनाने के लिए विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर भरोसा कर रही है। तीन साल से अधिक समय तक चले प्रयासों के बाद, आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री वित्तीय बोली के अंतिम चरण में पहुंच गई थी, और सरकार आगे की देरी से बचने के लिए इस प्रक्रिया को फिर से शुरू नहीं करना चाहती है। सरकार और एलआईसी मिलकर आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने अक्तूबर 2022 में रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) जारी की थी। वित्तीय बोलियां 6 फरवरी को प्राप्त हुईं थी।
विज्ञापन


तमिलनाडु में बायोडिग्रेडेबल बैग की लागत में वृद्धि
तमिलनाडु में बायोडिग्रेडेबल बैग की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इससे छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। वैश्विक तनाव और बढ़ती इनपुट लागत इसका मुख्य कारण हैं। इन बैग के 20 से 30 फीसदी कच्चे माल में कच्चे तेल के डेरिवेटिव होते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ी। एक किलोग्राम बैग का बाजार मूल्य 150 रुपये से बढ़कर 250 रुपये हो गया है। छोटे खुदरा विक्रेता अब 100 रुपये या अधिक की खरीद पर ही ये बैग दे रहे हैं। विशेषज्ञ नीतिगत समर्थन की कमी पर चिंता जता रहे हैं।

भारत की जीडीपी वृद्धि 6.2 फीसदी रहने का अनुमान: मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा फर्म- मॉर्गन स्टेनली की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है। यह भू-राजनीतिक संघर्षों और बढ़ती ऊर्जा लागत के बावजूद है। पहले यह अनुमान 6.5 फीसदी था, जिसे कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घटाया गया। महंगे ऊर्जा आयात से उत्पादन लागत बढ़ रही है, जिससे मुद्रास्फीति और रुपये पर दबाव है। जून 2026 तिमाही में आर्थिक वृद्धि 5.9 फीसदी तक कमजोर हो सकती है। हालांकि, आपूर्ति में सुधार और सरकारी उपायों से वृद्धि धीरे-धीरे ठीक हो सकती है। वित्त वर्ष 2027 में औसत उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें