रक्षा मंत्रालय ने मेसर्स माइक्रोकॉम इंडिया लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की है। सरकार ने कंपनी के खिलाफ व्यापारिक लेन-देन को 29 मई, 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए निलंबित कर दिया है।
हादसे में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को ₹27.17 लाख मुआवजा
महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में मोटरसाइकिल दुर्घटना में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार को 27.17 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। एमएसीटी सदस्य आरवी मोहिते ने आदेश दिया कि दुर्घटना में शामिल कार के चालक और बीमाकर्ता, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा याचिका की तिथि से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजा संयुक्त रूप से और अलग-अलग भुगतान किया जाए। 6 अगस्त के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।
मृतक की पत्नी और तीन बच्चों सहित दावेदारों ने, जिनका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता बीबी राजपूत कर रहे थे, शुरू में 45.9 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था, लेकिन मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत उनके दावे को 1 लाख रुपये तक सीमित कर दिया गया।
मामले के विवरण के अनुसार, यह दुर्घटना 7 जून, 2018 को सिंधुदुर्ग जिले के सावंतवाड़ी में मुंबई-गोवा राजमार्ग पर हुई थी। पीड़ित, बापू रावूल, अपनी मोटरसाइकिल चला रहे थे, तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस ने शुरुआत में मृतक के खिलाफ मामला दर्ज किया, यह आरोप लगाते हुए कि उसकी गलती थी। हालांकि, उसके परिवार ने इसे चुनौती दी, और अंततः एक सारांश रिपोर्ट के साथ मामला बंद कर दिया गया। परिवार ने मृतक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक आपराधिक रिट याचिका दायर की।
मुकदमे के दौरान न्यायाधिकरण ने कहा कि बावजूद मृतक के खिलाफ एफआईआर और आरोपपत्र दायर किया गया था, जिसमें दुर्घटना के लिए उसकी गलती बताई गई थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा था कि वह अपनी मोटरसाइकिल को तेजी या लापरवाही से नहीं चला रहा था।
इसमें आगे कहा गया कि एफआईआर और आरोपपत्र में कही गई बातों को निर्णायक कारक के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। न्यायाधिकरण ने यह भी पाया कि बीमा कंपनी पॉलिसी शर्तों के किसी भी उल्लंघन को साबित करने में विफल रही, और दुर्घटना के समय कार चालक का लाइसेंस वैध था। न्यायाधिकरण ने मृतक की अनुमानित आय, भविष्य की संभावनाओं और विभिन्न आर्थिक व गैर-आर्थिक क्षतियों के आधार पर कुल 27.17 लाख रुपये का मुआवजा तय किया।
अगस्ता वेस्टलैंड केस: क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका खारिज
अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की एक खारिज कर दी है। याचिका में जेम्स ने खुद को इस मामले में हिरासत से रिहा करने की मांग की थी। उसने इस आधार पर रिहाई की मांग की थी कि वह अधिकतम 7 साल की सजा काट चुका है।