चालू वित्त वर्ष में 6.7% तक रहेगी विकास दर
देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 6.5-6.7 फीसदी रह सकती है। डेलॉय ने कहा, अनिश्चित वैश्विक व्यापार माहौल के बीच बजट में कर प्रोत्साहनों से घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है। 2024-25 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.3-6.5 फीसदी रहने का अनुमान है। डेलॉय ने कहा, 2025-26 में आर्थिक दृष्टिकोण उभरते व्यापार संबंधों और घरेलू उपभोक्ता मांग बढ़ाने के सरकारी प्रयासों के बीच नाजुक संतुलन पर टिका है। आर्थिक वृद्धि दो विरोधी ताकतों पर निर्भर करेगी।
- पहला...उपभोक्ता खर्च बढ़ाने में कर प्रोत्साहन का सकारात्मक प्रभाव होगा।
- दूसरा... वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता का भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित नकारात्मक प्रभाव होगा।
2032 तक 2.10 लाख करोड़ का होगा पालतू जानवरों की देखभाल का बाजार
2032 तक पालतू जानवरों के देखभाल का बाजार 2.10 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। इस समय यह बाजार 1.70 लाख करोड़ रुपये का है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तेजी से बढ़ रहे इस उद्योग में अब बड़े कॉरपोरेट भी आ रहे हैं। गोदरेज समूह हाल में इसमें प्रवेश किया है। सुपरटेल्स, राॅयल केनिन और जिग्ली आदि भी हैं।
जिग्ली की मूल कंपनी कास्मो फर्स्ट के ग्रुप सीईओ पंकज पोद्दार कहते हैं कि भारत में पालतू जानवर परिवार के सदस्य के रूप में देखे जा रहे हैं। हम इनके लिए चिकित्सा सेवाओं के साथ ऑनलाइन सलाह आदि सभी तरह की सेवा दे रहे हैं। हमारे स्टोर पर इनके सभी उत्पाद उपलब्ध हैं। दुनियाभर के प्रमुख ब्रांड पालतू जानवरों के भोजन, बिस्तर, खिलौने और सौंदर्य प्रसाधन जैसे उत्पादों पर जोर दे रहे हैं। नए-नए फैशनेबल कपड़े आ रहे हैं। हाल में डोल्से एंड गबाना ने पालतू कुत्तों के लिए परफ्यूम लॉन्च किया है। इसे देखते हुए लग्जरी ब्रांड इस सेगमेंट में उतर रहे हैं।
मारुति-महिंद्रा की बिक्री बढ़ी, ह्यूंडई चौथे स्थान पर खिसकी
चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा की गाडि़यों की थोक बिक्री में अप्रैल, 2025 में 28 फीसदी तक तेजी रही। वहीं, लंबे समय से दूसरे स्थान पर काबिज ह्यूंडई मोटर इंडिया बिक्री घटने के कारण चौथे स्थान पर खिसक गई। अब घरेलू यात्री वाहन श्रेणी में महिंद्रा एंड महिंद्रा दूसरे और टाटा मोटर्स तीसरे स्थान पर पहुंच गईं। आंकड़ों के मुताबिक, मारुति की कुल बिक्री अप्रैल में सात फीसदी बढ़कर 1,79,791 इकाई पहुंच गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा के यूटिलिटी वाहनों की बिक्री 28 फीसदी बढ़कर 52,330 इकाई पहुंच गई। हालांकि, टाटा मोटर्स की बिक्री 6.1 फीसदी घटकर 72,753 इकाई रही। ह्यूंडई की बिक्री भी पांच फीसदी गिरकर 60,774 इकाई रह गई।
टोयोटा की बिक्री में 33 फीसदी उछाल
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की अप्रैल में थोक बिक्री 33 फीसदी बढ़कर 27,324 इकाई पहुंच गई। किआ इंडिया की घरेलू बिक्री में 18 फीसदी और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की बिक्री में 23 फीसदी तेजी रही। हालांकि, होंडा कार्स की बिक्री में 23 फीसदी गिरावट रही।
दोपहिया वाहनों में 15 फीसदी तक तेजी
टीवीएस मोटर के कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 15 फीसदी बढ़कर 4,30,330 इकाई पहुंच गई। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया की बिक्री में 14 फीसदी और रॉयल एनफील्ड में 6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
सेबी ने स्टॉक ब्रोकरों के लिए गिफ्ट सिटी से परिचालन के नियम आसान किए
बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को शेयर ब्रोकरों को गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में बिना पूर्व मंजूरी के काम करने की अनुमति दे दी। GIFT-IFSC में प्रतिभूति बाजार से संबंधित गतिविधियों को करने का प्रस्ताव रखने वाले स्टॉक ब्रोकर्स को स्टॉक ब्रोकिंग इकाई की एक अलग व्यावसायिक इकाई (SBU) के तहत ऐसा करने की अनुमति है। सेबी ने अपने परिपत्र में कहा कि ये गतिविधियाँ तब भी की जा सकती हैं जब शाखा SBU के रूप में योग्य हो।
इसके अलावा, GIFT-IFSC में एक सहायक कंपनी के माध्यम से प्रतिभूति बाजार से संबंधित गतिविधियों को करने की मौजूदा प्रथा को भी अनुमति दी गई है। इस प्रकार, इन गतिविधियों को किस रूप में किया जाना है, यह इकाई के विवेक पर निर्भर करता है।
ओयो संकट में आईपीओ को तीसरी बार टाला
ओयो होटल्स ने आईपीओ लाने की योजना को तीसरी बार टाल दी है। कंपनी अक्तूबर में बाजार में लिस्ट होना चाहती थी। ओयो में निवेशक सॉफ्टबैंक का कहना है कि पहले कंपनी की कमाई मजबूत हो, उसके बाद आईपीओ लाए। इसी वजह से ओयो को यह फैसला करना पड़ा है। कंपनी का लक्ष्य अब सात अरब डॉलर के मूल्यांकन पर मार्च, 2026 तक बाजार में सूचीबद्ध होना है।
कारोबार, पेशेवरों और एचयूएफ के लिए आईटीआर फॉर्म-3 अधिसूचित
आयकर विभाग ने कारोबार या पेशे से आय प्राप्त करने वाले व्यक्तियों और अविभाजित हिंदू परिवारों (एचयूएफ) के लिए आईटीआर फॉर्म-3 को अधिसूचित कर दिया है। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया पर लिखा, आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिटर्न फॉर्म-3 को 30 अप्रैल को अधिसूचित किया गया है। यह फॉर्म उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होने वाले लाभ से होती है।
बदलावों के तहत अनुसूची एएल के तहत संपत्ति और देनदारियों की जानकारी देने के लिए सीमा 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे मध्यम आय वाले करदाताओं पर खुलासे का बोझ कम हो गया है।
कैपिटल गेन्स को लेकर बदलाव
आईटीआर फॉर्म-3 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके तहत, आईटीआर की अनुसूची पूंजी लाभ में अब कैपिटल गेन्स को इस आधार पर विभाजित किया जाना चाहिए कि यह 23 जुलाई, 2024 से पहले या बाद में हुए हैं। कर विशेषज्ञों का कहना है कि रिटर्न फॉर्म-3 में संशोधन से अनुपालन आसान होगा।
चालू वित्त वर्ष में घटकर 6.3 फीसदी रहेगी विकास दर
अमेरिकी व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव का भारत सहित दुनिया के सभी क्षेत्रों की विकास दर पर नकारात्मक असर होगा। एसएंडपी के अनुसार, 2025-26 में भारत और जापान की विकास दर 0.2 से 0.4 फीसदी तक कम हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में भारत की वृद्धि दर 6.3 फीसदी और 2026-27 में 6.5 फीसदी रह सकती है। वहीं, रुपया 2025 के अंत तक डॉलर की तुलना में गिरकर 88 के स्तर तक जा सकता है।