सरकारी तेल कंपनियों को मिल सकती है 35,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी
लागत से कम कीमत पर एलपीजी बेचने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी तेल कंपनियों को 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिल सकती है। तीन प्रमुख कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम व हिंदुस्तान पेट्रोलियम पिछले 15 महीने से लागत से कम भाव पर ईंधन बेच रही हैं। वित्त मंत्रालय वास्तविक घाटे और उसकी भरपाई पर काम कर रहा है। सरकार ने बजट में घाटे की भरपाई के लिए कोई प्रावधान नहीं किया। हालांकि, अप्रैल में सरकार ने 32,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया था। इसका उपयोग वित्त मंत्रालय एलपीजी की कम वसूली की भरपाई के लिए कर सकता है। 2024-25 में उद्योग को एलपीजी की बिक्री पर कुल नुकसान 40,500 करोड़ होने का अनुमान है। शुल्क वृद्धि के साथ खुदरा रसोई गैस के 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को दिया 10 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गैर-डॉलर मुद्राओं में व्यापार करने वाले सभी ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। आर्थिक थिंक टैंक जीटीआरआई ने शुक्रवार को कहा कि इस तरह के कदम वाशिंगटन की अपनी आर्थिक और भू-राजनीतिक कार्रवाइयों से प्रेरित हैं। ब्रिक्स के सदस्य भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान हैं।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि रूस, ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों पर अमेरिकी प्रतिबंधों और स्विफ्ट प्रतिबंधों ने डॉलर आधारित भुगतान को अवरुद्ध कर दिया है। इससे भारत और चीन जैसे देशों को रूस के साथ स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसमें कहा गया है कि ट्रम्प इस तथ्य की अनदेखी कर रहे हैं कि यह अमेरिका की कार्रवाइयां ही थीं, जिन्होंने देशों को सबसे पहले डॉलर के विकल्प तलाशने के लिए मजबूर किया। स्विफ्ट एक वैश्विक संदेश प्रणाली है जो दुनिया भर के बैंकों के बीच भुगतान निर्देशों को प्रसारित करती है। स्विफ्ट 200 से अधिक देशों में 11,000 से अधिक बैंकों को जोड़ता है और इसे व्यापार-संबंधी भुगतानों के लिए एक तटस्थ मंच के रूप में डिजाइन किया गया है।
एपीसीआरडीए और एनएबीएफआईडी ने अमरावती के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए किया समझौता
आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) ने अमरावती में लेनदेन सलाहकार सेवाओं (टीएएस) के लिए राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा वित्त पोषण एवं विकास बैंक (एनएबीएफआईडी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता शुक्रवार को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में हुआ। इस समझौते का उद्देश्य ग्रीनफील्ड राजधानी अमरावती में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक मजबूत वित्तीय खाका तैयार करना है।
एनएबीएफआईडी एक रणनीतिक सलाहकार के रूप में कार्य करेगा और राजधानी क्षेत्र में प्रमुख परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) सहित वित्तीय रणनीतियों और कार्यान्वयन मॉडल तैयार करने में मदद करेगा।
दवा कंपनी वॉकहार्ट ने छोड़ा अमेरिकी जेनेरिक कारोबार का साथ
मुंबई स्थित दवा कंपनी वॉकहार्ट ने घाटे में चल रहे अमेरिकी जेनेरिक कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसमें कहा गया कि अकेले वित्त वर्ष 2025 में जेनेरिक कारोबार को लगभग 8 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि अब वह मधुमेह के लिए एंटीबायोटिक्स और जैविक दवाओं के क्षेत्र में नई दवाओं की खोज पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें कहा गया कि अकेले वित्त वर्ष 2025 में जेनेरिक कारोबार को लगभग 8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ।
आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक और श्रीराम फाइनेंस पर जुर्माना लगाया
भारतीय रिजर्व बैंक ने एचडीएफसी बैंक और श्रीराम फाइनेंस पर जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक पर ग्राहकों को सावधि ऋण देते समय भारत में विदेशी निवेश से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन के लिए 4.88 लाख रुपये के जुर्माना लगाया है। वहीं, "भारतीय रिजर्व बैंक (डिजिटल ऋण) निर्देश, 2025" के कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।