शेयर बाजार, कारोबार और वाणिज्य जगत की अहम खबरें
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सरकारी सब्सिडी और बैटरी की घटती कीमतें इलेक्ट्रिक वाहनों यानी ईवी को अब सस्ती बना रही हैं। पारंपरिक वाहनों की तुलना में उनकी लागत अभी भी अधिक है।
एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक, ईवी की शुरुआती लागत अधिक हो सकती है, पर समय के साथ इनके दाम और ज्यादा घटने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर बैटरी तकनीक के साथ ईवी में सुधार हो रहा है। परंपरागत पुराने वाहनों का बाजार स्थिर है।
विदेश से आने वाले निवेश की होगी कड़ी निगरानी
सरकार विदेश से निवेश आने के बाद उसकी समीक्षा और निगरानी के लिए एक विदेशी निवेश नियामक तंत्र स्थापित करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सभी देश अपने देश में आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर निगरानी रखते हैं। ऐसे में भारत में भी निगरानी तंत्र की मांग उठी है। सूत्रों ने कहा, यह एक तरह से एफडीआई के रूप में देश में आने वाले धन की निगरानी है। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि आने वाला एफडीआई अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक है और सही स्रोतों से आ रहा है। भारत अपनी बड़ी आबादी, स्थिर नीतियों, अच्छे निवेश रिटर्न और कुशल कार्यबल के कारण एफडीआई के लिए प्रमुख देश बना हुआ है।
2019-20 तक की जीएसटी कर मांग पर ब्याज और जुर्माना नहीं
केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। अब वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएस्टी कर मांग पर व्यापारियों और कंपनियों को ब्याज या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। वित्त वर्ष 2017-18 से 2019-20 के जुड़े विशेष गैर धोखाधड़ी वाले नोटिस पर यह नियम लागू होगा। टैक्स की पूरी रकम को देना पड़ेगा। यह नियम एक नवबंर से लागू होगा।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, जीएसटी अधिनियम में जोड़ी गई नई धारा 128ए कुछ कर अवधि के लिए धारा 73 के तहत उठाई गई मांगों से संबंधित ब्याज या जुर्माना या दोनों की छूट देती है। धारा 73 गैर-धोखाधड़ी जीएसटी डिमांड नोटिस से जुड़ा है। करदाता का मूल्यांकन धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयानी या तथ्यों को छिपाने के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
जमा के साथ एसआईपी सुविधा भी : एसबीआई
जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई आवर्ती जमा (रिकरिंग डिपॉजिट) और एसआईपी के कॉम्बो उत्पाद लाने की सोच रहा है। बैंक के चेयरमैन सी एस सेट्टी ने कहा, ग्राहक वित्तीय रूप से अधिक जागरूक और मांग वाले हो रहे हैं। उन्होंने कहा, वे नए निवेश साधनों को तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा, आवर्ती जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट और एसआईपी जैसे एक कॉम्बो उत्पाद सोच रहे हैं जो डिजिटल हो। हमारे लिए जमा जुटाना एक फ्रेंचाइजी का काम है। हमारे पास देश भर में सबसे अधिक शाखाएं हैं। हालांकि, हम जमा पर ब्याज दरों के युद्ध में नहीं लड़ना चाहेंगे। हमारा ध्यान ग्राहक सेवा में सुधार करने पर है। एसबीआई रोजाना लगभग 50,000 से 60,000 बचत बैंक खाता खोल रहा है।
शीर्ष 8 कंपनियों की पूंजी 1.21 लाख करोड़ बढ़ी
शेयर बाजार में शीर्ष 8 कंपनियों की पूंजी पिछले हफ्ते 1.21 लाख करोड़ बढ़ गई। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 1,028 अंकों की तेजी रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल पूंजी 53,653 करोड़ रुपये बढ़कर 20.65 लाख करोड़ रही। एसबीआई की 18,518 करोड़ बढ़कर 7.16 लाख करोड़ रही। एयरटेल को 13,094 करोड़ का फायदा हुआ। कुल पूंजी 9.88 लाख करोड़ रही। आईटीसी की पूंजी 9,927 करोड़, टीसीएस की 8,592 करोड़ और एचडीएफसी बैंक की 8,582 करोड़ रुपये बढ़ी। आईसीआईसीआई बैंक को 23,706 करोड़ का नुकसान हुआ।
वाहन बिक्री व जीएसटी आंकड़े से बाजार में रह सकती है तेजी
वैश्विक रुझान, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और घरेलू आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगे। विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका के डॉलर सूचकांक और आर्थिक आंकड़ों से भी शेयर बाजार को दिशा मिलेगी। दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे।
विश्लेषकों के मुताबिक, इस हफ्ते सितंबर के वाहन बिक्री के मासिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजों से निकट भविष्य में शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। प्रमुख शेयरों की अगुवाई में बाजार का सकारात्मक रुख जारी रहेगा। आगे चलकर घरेलू संकेतकों के अभाव में वैश्विक कारक बाजार को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसी हफ्ते एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई और एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहेंगे। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर भी सभी की निगाह रहेगी। आगे निवेशकों की निगाह कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगी।
चार करोड़ टन बढ़ेगी कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता
देश की तेल विपणन कंपनियां यानी ओएमसी वित्त वर्ष 2030 के अंत तक कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता में 3.5 से 4 करोड़ टन की वृद्धि कर सकती हैं। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा, इससे इस दौरान कच्चे तेल की रिफाइनिंग क्षमता के लिए देश की कुल स्थापित क्षमता 29.5 करोड़ टन हो जाएगी।
एजेंसी के मुताबिक, यह विस्तार घरेलू तेल खपत में अनुमानित वृद्धि से प्रेरित होगा, क्योंकि भारत की मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता पहले से ही शीर्ष स्तर पर चल रही है। लगभग 1.9-2.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च की जरूरत होगी। एक दशक में भारत की क्षमता में 4.2 करोड़ टन की वृद्धि देखी गई है।
प्रत्यक्ष कर कानून को आसान बनाने में जुटी सरकार, निजी क्षेत्र और कर विशेषज्ञों से मांगे सुझाव
प्रत्यक्ष कर कानून को सरल बनाया जाएगा। सरकार अक्तूबर से आयकर अधिनियम 1961 के तहत निजी क्षेत्र और कर विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा है। आयकर पोर्टल में एक ऐसी सुविधा बनाई जाएगी, जिसमें आयकर कानून की विभिन्न धाराओं के बारे में सुझाव दिए जा सकेंगे। इसका मकसद भाषा को सरल बनाना और मुकदमेबाजी को कम करना है। पुराने बेकार पड़ चुके प्रावधानों को हटाया भी जाएगा।
बायोगैस क्षेत्र में आएगा 1,600 करोड़ का निवेश
इंडियन बायोगैस एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि इस साल में इस क्षेत्र में 1,600 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। ऊर्जा मिश्रण में इस क्षेत्र का योगदान एक प्रतिशत से कम है 2030 तक यह भारत के ऊर्जा भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत की सालाना 6.2 करोड़ टन कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पन्न करने की क्षमता है।
एक्सिस और सुजुकी देंगे स्टार्टअप को फंड
एक्सिस बैंक और जापान की सुजुकी मोटर की सहायक कंपनी नेक्स्ट भारत वेंचर्स आईएफएससी ने समझौता ज्ञापन किया है। इसके तहत स्टार्टअप और सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों को कार्यशील पूंजी दी जाएगी। बैंक के कार्यकारी निदेशक मुनीश शारदा ने कहा, दूसरे व तीसरे स्तर के शहरों के स्टार्टअप पर ध्यान दिया जाएगा। इससे स्टार्टअप के लिए कर्ज मिलना आसान हो जाएगा।
एलएंडटी दो वर्षों में करेगी चिप का उत्पादन
लार्सन एंड टुब्रो यानी एलएंडटीसेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज को उम्मीद है कि वह अगले दो वर्षों में सेमीकंडक्टर उत्पादों का निर्माण शुरू कर देगी। सीईओ संदीप कुमार ने कहा, कंपनी विभिन्न सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के लिए 5 करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त करने के बाद चिप विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। कंपनी 15 अलग-अलग उत्पादों को समानांतर रूप से संभालने के लिए टीमें बना रही है।
मोरक्को के शाही सशस्त्र बलों और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स में करार
मोरक्को के शाही सशस्त्र बलों और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म के स्थानीय स्तर पर उत्पादन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (टाटा एयरोस्पेस और डिफेंस) के अनुसार डीआरडीओ और टाटा मोटर्स के सहयोग से विकसित यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि हम रक्षा ओईएम (Original Equipment Manufacture) के रूप में विदेशों में अपना विस्तार कर रहे हैं।
एआई-विस्तारा विलय पर बोले अधिकारी- मूल्यांकन पूरा हो गया; सिस्टम एकीकरण प्रगति पर
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि विस्तारा और एयर इंडिया के आगामी विलय के तहत सभी प्रणालियों का व्यापक उद्यम मूल्यांकन पूरा हो गया है और एकीकरण प्रक्रिया चल रही है। टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच संयुक्त उद्यम विस्तारा का नवंबर में एयर इंडिया में विलय होने वाला है। नवंबर 2022 में घोषित दोनों पूर्ण सेवा वाहकों के विलय की प्रक्रिया प्रगति पर है। एयर इंडिया के उपाध्यक्ष व उद्यम आईटी प्रमुख मुरली कार्तिक ने डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया और अत्यधिक एकीकृत प्रणाली के महत्व पर बल दिया। राष्ट्रीय राजधानी में सीएपीए इंडिया डिजिटल एविएशन शिखर सम्मेलन के एक सत्र में बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि विस्तारा और एयर इंडिया के विलय के संबंध में सभी प्रणालियों का व्यापक उद्यम मूल्यांकन पूरा हो गया है।
2030 तक पांच लाख करोड़ का होगा कंज्यूमर ड्यूरेबल बाजार
कंज्यूमर ड्यूरेबल बाजार वित्त वर्ष 2029-30 तक पांच लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। 2027 तक यह चौथा सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के अनुसार, देश के उत्पाद वैश्विक विश्वसनीयता की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन मजबूत परिवेश का निर्माण करना व वैश्विक स्तर पर भारतीय मानकों को पहुंचाना भी जरूरी है।
सीआईआई के मुताबिक, अगले दशक में इस क्षेत्र में वैल्यू चेन में कई अवसर पैदा होने की उम्मीद है। भारत पहले से ही दुनिया में उपभोक्ता वस्तुओं के लिए सबसे तेजी से बढ़ता प्रमुख बाजार है।
चीन से आने वाले स्टील की एंटी-डंपिंग जांच शुरू
नई दिल्ली। भारत ने चीन से आने वाले कोल्ड रोल्ड नॉन-ओरिएंटेड इलेक्ट्रिकल स्टील के आयात की एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है। विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी के अनुसार, पोस्को महाराष्ट्र स्टील व सीएससीआई स्टील कॉरपोरेशन ने उद्योग की ओर से नामित प्राधिकारी के समक्ष आवेदन दिया था। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, आवेदकों ने आरोप लगाया है कि उक्त वस्तु को चीन से डंप कीमतों पर आयात किया जा रहा है। इससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है। डंप किए गए आयात से घरेलू उद्योग को अधिक नुकसान होने का खतरा है। ऐसे में चीन से ऐसे आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया जाए।