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Biz Update: विदेशी कर्ज बढ़कर 762.8 अरब डॉलर; विनिर्माण और बिजली क्षेत्र के दम पर मई में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा

Tue, 30 Jun 2026 08:49 AM IST
Pavan बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेयर बाजार, कारोबार और वाणिज्य जगत की अहम खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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भारत का कुल विदेशी कर्ज मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 762.8 अरब डॉलर पहुंच गया। यह मार्च 2025 के मुकाबले 26.3 अरब डॉलर अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और रुपये सहित अन्य प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव के कारण मूल्यांकन (वैल्यूएशन) प्रभाव 24.6 अरब डॉलर रहा। यदि इसे अलग कर दिया जाए, तो विदेशी कर्ज में वास्तविक बढ़ोतरी 51 अरब डॉलर होती। विदेशी कर्ज व जीडीपी का अनुपात बढ़कर 20.8 फीसदी हो गया, जो एक वर्ष पहले 19.8 फीसदी था। मार्च 2026 के अंत तक एक वर्ष से अधिक अवधि वाले दीर्घकालिक विदेशी कर्ज का आकार 613.5 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.6 अरब डॉलर अधिक है। वहीं, एक वर्ष तक की अवधि वाले अल्पकालिक विदेशी कर्ज का हिस्सा बढ़कर 19.6 गया, जो एक साल पहले 18.3 फीसदी था। विदेशी कर्ज में अमेरिकी डॉलर का दबदबा बना हुआ है। डॉलर आधारित देनदारियों की हिस्सेदारी 55.5 फीसदी रही।
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विनिर्माण और बिजली क्षेत्र के दम पर मई में औद्योगिक उत्पादन 5.1% बढ़ा
देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) मई 2026 में सालाना आधार पर 5.1 फीसदी बढ़ा। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से विनिर्माण बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से हुई। हालांकि, उत्खनन क्षेत्र में गिरावट दर्ज की गई। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, मई 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक बढ़कर 122.7 पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 116.7 था।

सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 5.5 फीसदी बढ़ा। बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में 9.9 फीसदी और जलापूर्ति, सीवरेज तथा अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 5.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी ओर उत्खनन क्षेत्र का उत्पादन 1.6 फीसदी घट गया। विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 16 समूहों ने सकारात्मक वृद्धि हुई। इनमें मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर उद्योग का उत्पादन 14.5 फीसदी, इलेक्ट्रिकल उपकरण उद्योग का 20.8 फीसदी और बेसिक मेटल्स का उत्पादन 4.6 फीसदी बढ़ा। उपयोग आधारित वर्गीकरण के तहत, कैपिटल गुड्स में सबसे अधिक 12.9 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके अलावा उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन 7.2 फीसदी, इंफ्रा एवं निर्माण सामग्री का 5.9 फीसदी, इंटरमीडिएट गुड्स का 5.8 फीसदी और प्राथमिक वस्तुओं का 2.6 फीसदी बढ़ा।

मेट्रो शहरों में घरों की बिक्री में 6% गिरावट
पश्चिम एशिया तनाव का असर देश के रियल एस्टेट बाजार पर दिखाई देने लगा है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित होने और परियोजनाओं पर दबाव बढ़ने से सात प्रमुख महानगरों (टियर-1 शहरों) में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान आवासीय बिक्री में सालाना आधार पर 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रियल एस्टेट कंपनी एनारॉक के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में सात प्रमुख शहरों में कुल 90,715 घरों की बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 96,285 इकाइयों का था।

बजाज ऑटो का शेयर बायबैक एक जुलाई से
वाहन निर्माता बजाज ऑटो का 5,632.8 करोड़ का शेयर बायबैक एक जुलाई से शुरू होगा। इसके तहत अधिकतम 46.94 लाख शेयर 12,000 रुपये प्रति कीमत पर खरीदे जाएंगे। प्रस्ताव को 6 मई 2026 को निदेशक मंडल ने मंजूरी दी थी। उधर, सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश घोषित किया है। भुगतान के लिए शेयरधारकों की पात्रता निर्धारित करने की रिकॉर्ड डेट शुक्रवार, 14 अगस्त, 2026 होगी।

एडॉन एग्रो कमोडिटीज के एसएमई आईपीओ को पहले दिन 48% सब्सक्रिप्शन
एडॉन एग्रो कमोडिटीज के एसएमई आईपीओ को पहले दिन 48 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला। बीएसई के अनुसार, 59.74 लाख शेयरों के मुकाबले 28.74 लाख शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) श्रेणी में सबसे अधिक 11.88 गुना सब्सक्रिप्शन रहा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 43 फीसदी और खुदरा निवेशकों का कोटा 29 फीसदी भरा। 66-70 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 1 जुलाई को बंद होगा। कंपनी 62.9 लाख नए शेयर जारी कर 44.03 करोड़ रुपये जुटाएगी, जिनका उपयोग कार्यशील पूंजी और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

सेबी ने फीस न भरने पर 15 रिसर्च एनालिस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द किया
पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को 15 शोध विश्लेषकों का पंजीकरण रद्द कर दिया क्योंकि वे अनिवार्य नवीकरण शुल्क का भुगतान करने में विफल रहे थे। यह आदेश नियामक द्वारा शुरू की गई संक्षिप्त कार्यवाही के बाद आया है, क्योंकि शोध विश्लेषकों ने बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपना पंजीकरण नवीनीकृत नहीं कराया था।

जिन 15 संस्थाओं का पंजीकरण रद्द किया गया है उनमें बिपिन मनीलाल सावला, कम्फर्ट सिक्योरिटीज लिमिटेड, सुदीप बंद्योपाध्याय, आइडियल एसोसिएट्स, कल्पेश राठी और कृष्णमूर्ति सेथुरमन शामिल हैं।

सेबी के (रिसर्च एनालिस्ट) विनियम, 2014 के तहत, प्रत्येक पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट को अपना पंजीकरण बरकरार रखने के लिए हर पांच साल में नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है।
हालांकि, जून 2020 से जुलाई 2024 तक की अपनी-अपनी नियत तारीखों के बाद भी 15 संस्थाएं शुल्क का भुगतान करने में विफल रहीं। इसके बाद, सेबी ने फरवरी 2025 में संबंधित संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

पूंजी बाजार नियामक ने गौर किया कि यद्यपि संस्थाओं ने जवाब दिया, लेकिन उनमें से किसी ने भी नवीकरण शुल्क के भुगतान न होने के संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। अपने आदेश में नियामक ने कहा कि यह रद्द करने का उद्देश्य अनजान निवेशकों द्वारा समाप्त हो चुके पंजीकरण प्रमाण पत्रों के दुरुपयोग को रोकना है।

डॉयचे बैंक के भारत के रिटेल कारोबार का अधिग्रहण करेगा कोटक महिंद्रा बैंक

रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि कोटक महिंद्रा बैंक लगभग 30 मिलियन डॉलर के सौदे में भारत में ड्यचे बैंक के रिटेल बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का अधिग्रहण करेगा। इस अधिग्रहण से कोटक को खुदरा और धनी ग्राहकों के बीच अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी, जबकि डॉयचे बैंक अपने मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

जिस कंपनी का अधिग्रहण किया जा रहा है, उसमें लगभग 1,000 कर्मचारी हैं, लगभग 150,000 ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की जाती हैं और इसमें लगभग 2.7 बिलियन यूरो (लगभग तीन अरब डॉलर) मूल्य के ऋण शामिल हैं। कोटक महिंद्रा बैंक ने कहा कि यह सौदा रणनीतिक रूप से उपयुक्त है और उसकी दीर्घकालिक विकास योजनाओं में सहायक होगा।

सरकार ने केवीआईसी अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी

लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि सरकार ने खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) अधिनियम, 1956 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य खादी और ग्राम उद्योग (केवीआई) क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।

प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य अधिनियम को समकालीन आर्थिक और ग्रामीण विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाना, संस्थागत शासन को मजबूत करना, समावेशिता को बढ़ावा देना, ग्रामीण उद्यमों को औपचारिक रूप देना और घरेलू और वैश्विक बाजारों में ग्राम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।

वे केवीआईसी अधिनियम को वर्तमान नीतिगत ढांचों के अनुरूप लाने और समावेशी एवं टिकाऊ ग्रामीण आर्थिक विकास के लिए सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन करने का प्रयास कर रहे हैं।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "प्रस्तावित प्रमुख परिवर्तनों में से एक 'ग्रामीण क्षेत्र' की परिभाषा को विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रावधानों के साथ संरेखित करना है: वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025, जिससे राष्ट्रीय ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण का दायरा व्यापक होगा और अधिक समावेशिता सुनिश्चित होगी।"

अप्रैल-जून में भारत की विनिर्माण वृद्धि में कमी आने की आशंका: फिक्की

मंगलवार को जारी एफआईसीसीआई सर्वेक्षण के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के कारण सुस्त कारोबारी माहौल की वजह से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रहने की उम्मीद है।

उद्योग निकाय ने कहा कि एफआईसीआई विनिर्माण सर्वेक्षण जून में समाप्त तिमाही (वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही) में पिछली तिमाही की तुलना में उत्पादन के लिए सतर्क भावना को दर्शाता है, जो पश्चिम एशिया संकट के संभावित प्रभाव का संकेत देता है।

प्रतिक्रियाएँ निर्माताओं की अपेक्षाओं पर आधारित थीं, जो विनिर्माण वृद्धि के लिए समग्र सकारात्मक भावनाओं और स्थिर घरेलू बुनियादी बातों को दर्शाती हैं।

तिमाही सर्वेक्षण के नवीनतम संस्करण के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही की तुलना में, जब 93 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उत्पादन स्तर में वृद्धि या समानता दर्ज की थी, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में लगभग 77 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उत्पादन स्तर में वृद्धि या समानता दर्ज की।

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इंडिगो के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी पसरीचा ने इस्तीफा दे दिया

इंडिगो ने मंगलवार को अपने मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुखजीत सिंह पसरीचा के इस्तीफे की घोषणा की, जो आठ साल से अधिक समय से एयरलाइन के साथ जुड़े हुए थे, और उनकी जगह कंवल जीत सिंह बख्शी लेंगे।

बख्शी वर्तमान में इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज में मानव संसाधन के समूह प्रमुख हैं। पासरीचा का इस्तीफा दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर परिचालन संबंधी व्यवधानों के बाद से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में एक और वरिष्ठ स्तर के अधिकारी के इस्तीफे को दर्शाता है।

सीईओ पीटर एल्बर्स ने मार्च में पद छोड़ दिया और ग्लोबल सेल्स के प्रमुख विनय मल्होत्रा अगले महीने पद छोड़ने वाले हैं। जेसन हेटर, जो ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) के प्रमुख थे, इस साल की शुरुआत में ही पद छोड़ चुके थे।
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