भारत का हवाई कार्गो क्षेत्र रिकॉर्ड ऊंचाई पर, 2024-25 में 3.72 मिलियन मीट्रिक टन पहुंचा
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का हवाई कार्गो क्षेत्र रिकॉर्ड 3.72 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। देश के लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे कार्गो सेक्टर में पिछले एक दशक में 47 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस कारण भारत वैश्विक लॉजिस्टिक्स में मजबूत खिलाड़ी की तरह उभरा है। 2014-15 में 2.53 मिलियन मीट्रिक टन माल ढुलाई हुई थी। दिसंबर 2025 तक, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में आंकड़ा 2.98 मिलियन मीट्रिक टन दर्ज किया गया। एक वर्ष में ये रिकॉर्ड उछाल है।
वर्तमान में, देश के 74 हवाई अड्डों पर कार्गो संचालन होता है। सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण भंडारण क्षमता बढ़ा रहे हैं और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। जेवर और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार ने 2024-25 से 2026-27 तक 27 हवाई अड्डों पर सीमा शुल्क कर्मियों की तैनाती की लागत की प्रतिपूर्ति करने की नीति शुरू की है। इसमें 15 समर्पित कार्गो टर्मिनल शामिल हैं, जिससे छोटे शहरों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।