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बिजनेस अपडेट्स: सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही में एनसीएलटी का बड़ा निर्देश, संपत्ति बेचने पर रोक

Tue, 01 Sep 2026 11:16 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवाला मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। पांच न्यायाधीशों की पीठ ने उन्हें कार्यवाही लंबित रहने तक कोई भी संपत्ति बेचने से रोक दिया है। आइए इस बारे में और कारोबार से जुड़ी अन्य अहम खबरों के बारे में विस्तार से जानें।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने सुभाष चंद्रा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कार्रवाई की है। पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इस व्यक्तिगत दिवाला मामले में शामिल सभी पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। न्यायाधिकरण ने सुभाष चंद्रा को कार्यवाही लंबित रहने तक अपनी कोई भी संपत्ति बेचने से रोक दिया है। एनसीएलटी ने इसके साथ ही एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा से जुड़े दिवालियापन मामले में अपने 25 अगस्त के आदेश पर रोक लगा दी है।

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यह निर्देश दिवाला प्रक्रिया के दौरान संपत्तियों के संरक्षण के लिए दिया गया है। एनसीएलटी का यह कदम दिवाला समाधान प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद करेगा। इस मामले में कई पक्षकार शामिल हैं, जिन्हें अब न्यायाधिकरण के सामने अपनी बात रखनी होगी।

न्यायाधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। यह मामला सुभाष चंद्रा की वित्तीय स्थिति और उनके व्यक्तिगत ऋणों से संबंधित है। न्यायाधिकरण यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दिवाला प्रक्रिया के दौरान कोई भी संपत्ति अनुचित तरीके से हस्तांतरित न हो। इस तरह के निर्देश अक्सर दिवाला मामलों में दिए जाते हैं ताकि लेनदारों के हितों की रक्षा हो सके।

क्या है यह व्यक्तिगत दिवाला मामला?

यह मामला एक व्यक्ति की वित्तीय देनदारियों से जुड़ा है। जब कोई व्यक्ति अपने ऋण चुकाने में असमर्थ होता है, तो वह व्यक्तिगत दिवाला प्रक्रिया में जा सकता है। एनसीएलटी ऐसे मामलों की सुनवाई करता है और समाधान प्रक्रिया की निगरानी करता है। इसका उद्देश्य लेनदारों को उनका बकाया दिलाना और देनदार को एक नई शुरुआत का अवसर देना है।

व्यक्तिगत दिवालिया समाधान योजना से जुड़ा विवाद क्या है?

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में प्रमोटर की व्यक्तिगत दिवालिया योजना को लेकर बैंकों और प्रमोटर के बीच असहमति बनी हुई है। इस योजना के तहत वित्तीय लेनदार केवल 6.5 करोड़ रुपये की ही वसूली कर सकेंगे, जबकि बैंकों का कुल दावा 22,006.57 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत गारंटियों से जुड़ा हुआ है। एचडीएफसी बैंक और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने इस योजना का कड़ा विरोध किया है।

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मुंबई: पार्ले बिस्कुट ने जॉर्ज कोवूर को सीईओ नियुक्त किया

पार्ले-जी, मोनाको, हाइड एंड सीक और मेलोडी बिस्कुट बनाने वाली कंपनी पार्ले बिस्कुट ने मंगलवार को जॉर्ज कोवूर को 1 सितंबर, 2026 से अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने की घोषणा की।

पारले ने एक बयान में कहा कि कोवूर के पास पेप्सिको में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है, उन्होंने उपभोक्ता व्यवसायों और बाजारों में काम किया है।

पारले बिस्कुट के प्रबंध निदेशक अजय चौहान ने कहा, "हम कोवूर का स्वागत करते हैं और पारले की मजबूत नींव पर आगे बढ़ने, अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और सतत विकास के लिए नए अवसर खोलने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।" उन्होंने आगे कहा कि कंपनी को विकास के अगले चरण में उनके नेतृत्व और योगदान की उम्मीद है।
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