सरकार ने खनन ब्लॉकों के संचालन के लिए समयसीमा तय की
सरकार ने खनिज (नीलामी) नियम, 2015 में संशोधन कर खनन ब्लॉकों के संचालन को तेज करने के लिए कई गतिविधियों की समयसीमा तय की है। इसके तहत, लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के बाद से खनन पट्टा जारी होने तक के महत्वपूर्ण चरणों पर निगरानी और पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
संशोधित नियमों के अनुसार, खनन योजना को छह महीने के भीतर मंजूरी देनी होगी, पर्यावरण मंजूरी 18 महीने के अंदर लेनी होगी, और खनन पट्टा 12 महीने के भीतर निष्पादित करना होगा। कॉम्पोजिट लाइसेंस (सीएल) के लिए अतिरिक्त लक्ष्य तय किए गए हैं, जैसे 12 महीने के भीतर सीएल का निष्पादन और 36 महीने के भीतर G2-स्तर की खोज पूरी करना समयसीमा से देरी होने पर बैंक गारंटी का 1% प्रति महीने जब्त किया जा सकता है। वहीं, जल्दी उत्पादन पर भी लाभ मिलेगा- एमएल में पांच साल से पहले और सीएल में सात साल से पहले खनिज भेजने पर छूट दी जाएगी।
2015 से अब तक 585 प्रमुख खनिज ब्लॉक नीलामी के जरिए आवंटित किए गए हैं, जिनमें 34 महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। शुरुआत में नीलामी की गति धीमी थी, लेकिन पिछले तीन वर्षों में औसतन 100 से अधिक ब्लॉक हर साल नीलामी के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष के पहले सात महीनों में 112 खनिज ब्लॉक नीलामी के तहत आए हैं। सरकार का यह कदम खनन उद्योग में तेजी लाने और खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।