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Biz Updates: MSME को सात साल में मिले ₹2.65 लाख करोड़ के लोन; अब तोहफे में भी दे सकते हैं फास्टैग सालाना पास

Sun, 19 Oct 2025 01:06 AM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।
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बिजनेस अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के लिए लोन की जरूरत होने पर उद्यमियों ने बीते सात साल के दौरान पीएसबी लोन्स इन 59मिनट्स प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल किया है। इस प्लेटफॉर्म की तरफ से जारी बयान के मुताबिक एमएसएमई के लिए 7 वर्षों में 2.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि के लोन को मंजूरी दी गई। यह प्लेटफॉर्म आमतौर पर 10 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की राशि के लिए एक घंटे के भीतर ऋण स्वीकृति की सुविधा प्रदान करता है। 2018 में स्थापना के बाद से अब तक अब तक लगभग 30 लाख ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। एमएसएमई को कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ जोड़ने वाला यह प्लेटफॉर्म  जीएसटी रिटर्न, आयकर फाइलिंग, बैंक स्टेटमेंट और क्रेडिट ब्यूरो रिपोर्ट जैसी जानकारी एकीकृत करता है। इससे लोन की प्रक्रिया कुछ ही घंटे में पूरी हो जाती है। प्लेटफॉर्म से मिली स्वीकृति से इतर बैंक वित्तीय मानकों के आधार पर दस्तावेजों की गहन पड़ताल करते हैं।

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अब तोहफे में भी दे सकते हैं फास्टैग सालाना पास
फास्टैग का सालाना पास अब राजमार्गयात्रा एप के जरिये किसी को भी तोहफे में दिया जा सकता है। एप पर पास जोड़ें विकल्प पर क्लिक करके उपयोगकर्ता उस व्यक्ति का वाहन नंबर और संपर्क विवरण जोड़ सकते हैं जिसे वे फास्टैग सालाना पास तोहफे में देना चाहते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद उस वाहन से जुड़े फास्टैग पर सालाना पास सक्रिय हो जाएगा। यह पास एक साल की वैधता या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग के लिए 3,000 रुपये के एकमुश्त भुगतान से फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत को खत्म करता है। 

IPO से ₹4250 करोड़ जुटाने की तैयारी में मीशो
सॉफ्टबैंक समर्थित ई-कॉमर्स कंपनी मीशो (Meesho) ने आईपीओ के माध्यम से 4250 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए मीशो ने भारतीय शेयर बाजार नियामक- सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए हैं। प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम (IPO) में 4,250 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना है। मौजूदा निवेशक 1.75 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री भी करेंगे। ऑफर फॉर सेल में कंपनी के शुरुआती निवेशक- एलेवेशन कैपिटल, पीक XV, वेंचर हाईवे और वाई कॉम्बिनेटर भी हिस्सेदारी बेचेंगे। बयान के मुताबिक कंपनी का कुल आईपीओ आकार और मूल्यांकन बाद में जारी होने वाले शेयर प्राइस बैंड पर निर्भर करेगा।

ब्लिंकिट के स्वामित्व वाली कंपनी को 128 करोड़ का जीएसटी नोटिस
खाद्य वितरण और त्वरित डिलीवरी एप जोमैटो और ब्लिंकिट के स्वामित्व वाली कंपनी इटर्नल को उत्तर प्रदेश के वाणिज्य कर विभाग से 128 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी डिमांड नोटिस मिला है। यह नोटिस लखनऊ के राज्य कर उप आयुक्त ने जारी किया है। विभाग ने अप्रैल 2023 से मार्च 2024 की अवधि के दौरान आउटपुट टैक्स के कम भुगतान और इनपुट टैक्स क्रेडिट के अधिक उपयोग का आरोप लगाया है।

कंपनी के मुताबिक, इस आदेश में कुल 64.17 करोड़ रुपये की जीएसटी मांग के साथ उतनी ही राशि का ब्याज और जुर्माना लगाया गया है, जिससे कुल राशि 128.34 करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है। इटर्नल ने बताया कि उसे यह आदेश 18 अक्तूबर को मिला। कंपनी ने कहा कि उसके पास इस मामले में मजबूत आधार हैं और वह संबंधित प्राधिकरण के समक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करेगी। इटर्नल ने नियामकीय फाइलिंग में कहा कि आदेश में लगाए गए आरोपों और गणनाओं से वह सहमत नहीं है। मार्च 2025 में कंपनी ने अपने नाम को जोमैटो से बदलकर इटर्नल रखा था, जबकि जोमैटो और ब्लिंकिट दोनों उसके स्वामित्व में हैं।
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सरकार ने खनन ब्लॉकों के संचालन के लिए समयसीमा तय की
सरकार ने खनिज (नीलामी) नियम, 2015 में संशोधन कर खनन ब्लॉकों के संचालन को तेज करने के लिए कई गतिविधियों की समयसीमा तय की है। इसके तहत, लेटर ऑफ इंटेंट मिलने के बाद से खनन पट्टा जारी होने तक के महत्वपूर्ण चरणों पर निगरानी और पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

संशोधित नियमों के अनुसार, खनन योजना को छह महीने के भीतर मंजूरी देनी होगी, पर्यावरण मंजूरी 18 महीने के अंदर लेनी होगी, और खनन पट्टा 12 महीने के भीतर निष्पादित करना होगा। कॉम्पोजिट लाइसेंस (सीएल) के लिए अतिरिक्त लक्ष्य तय किए गए हैं, जैसे 12 महीने के भीतर सीएल का निष्पादन और 36 महीने के भीतर G2-स्तर की खोज पूरी करना समयसीमा से देरी होने पर बैंक गारंटी का 1% प्रति महीने जब्त किया जा सकता है। वहीं, जल्दी उत्पादन पर भी लाभ मिलेगा- एमएल में पांच साल से पहले और सीएल में सात साल से पहले खनिज भेजने पर छूट दी जाएगी।

2015 से अब तक 585 प्रमुख खनिज ब्लॉक नीलामी के जरिए आवंटित किए गए हैं, जिनमें 34 महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। शुरुआत में नीलामी की गति धीमी थी, लेकिन पिछले तीन वर्षों में औसतन 100 से अधिक ब्लॉक हर साल नीलामी के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस वर्ष के पहले सात महीनों में 112 खनिज ब्लॉक नीलामी के तहत आए हैं। सरकार का यह कदम खनन उद्योग में तेजी लाने और खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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