भारत और पांच देशों के समूह यूरेशियन आर्थिक आयोग (EAEU) ने वस्तुओं के क्षेत्र में अपने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के रोडमैप की समीक्षा की। इसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है। इस वर्ष 20 अगस्त को, भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए थे। दोनों पक्षों के बीच संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए थे। बता दें कि भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पिछले सप्ताह यूरेशियन आर्थिक आयोग के व्यापार प्रभारी मंत्री आंद्रे स्लीपनेव और रूसी उद्योग एवं व्यापार उप मंत्री मिखाइल युरिन के साथ बातचीत करने मास्को गए थे। इस संबंध में वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार को कहा, मंत्री स्लीपनेव के साथ बैठक में, वाणिज्य सचिव ने वस्तुओं के क्षेत्र में भारत-EAEU मुक्त व्यापार समझौते के अगले चरणों की समीक्षा की। 20 अगस्त 2025 को जिन संदर्भ शर्तों पर साइन किए गए थे, उसमें 18 महीने की कार्य योजना की रूपरेखा है। इसका उद्देश्य एमएसएमई, किसानों और मछुआरों सहित भारतीय व्यवसायों के लिए बाजारों में विविधता लाना है। बता दें कि यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के पांच सदस्य देश- आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस शामिल हैं।
वाणिज्य मंत्री गाेयल बोले- WTO में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य
भारत अब वैश्विक मंचों पर केवल सहभागी नहीं, बल्कि सुधारों का नेतृत्व करने वाला देश बन चुका है। अब भारत ऐसे सुधारों का नेतृत्व करना चाहता है, जो पूरी दुनिया विशेषकर विकासशील और कम विकसित देशों के सामूहिक कल्याण को सुनिश्चित करें, न कि सिर्फ कुछ विकसित राष्ट्रों के एजेंडे को आगे बढाएं। यह बात कंद्रीय मंत्री गाेयल ने विशाखापत्तनम में आयोजित पार्टनरशिप समिट के दौरान कही। गोयल ने कहा डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका दुनिया भर में स्वीकार की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को करुणामय और मजबूत बताते हुए कहा कि भारत जिम्मेदार वैश्विक नागरिक की तरह कार्य करता रहेगा और ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर उभरेगा। उन्होंने बताया कि भारत ऐसे सुधारों के पक्ष में है जिनका स्वरूप व्यापक हो और जिन पर सभी विकासशील देशों से परामर्श लेकर निर्णय लिया जाए, जिससे वैश्विक व्यापार संतुलित व न्यायपूर्ण बने।