डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 12 पैसे टूटकर 90.90 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 91 के नीचे पहुंच गया था। वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच विदेशी मुद्रा निकासी में तेजी से घरेलू मुद्रा दबाव में रही। एक महीने में यह दूसरा मौका है, जब रुपया 91 के नीचे पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.68 के स्तर पर खुला।
पीएनबी को 5,100 करोड़ रुपये का फायदा
खराब कर्जों में कमी से पंजाब नेशनल बैंक को दिसंबर तिमाही में 5,100 करोड़ का लाभ हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 13 फीसदी अधिक है। बैंक के एमडी-सीईओ अशोक चंद्र ने बताया, बैंक का का सबसे अधिक तिमाही लाभ है। हमारा लक्ष्य हर तिमाही में 5,000 करोड़ से अधिक शुद्ध लाभ हासिल करना है। एनपीए घटकर 3.19 फीसदी रहा। कारोबार 28.91 लाख करोड़ रुपये रहा।
आईआरएफसी को 1,802 करोड़ का लाभ
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लि. (आईआरएफसी) को तीसरी तिमाही में 1,802 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि से यह 10.51 फीसदी अधिक है। आय मामूली घटकर 6,719 करोड़ रह गई। खर्च भी घटकर 4,917 करोड़ रह गया। नेटवर्थ बढ़कर 52,046 करोड़ हो गई। कंपनी ने नौ महीनों में 60,000 करोड़ के वार्षिक स्वीकृत लक्ष्य को हासिल कर लिया।
यूको बैंक को 739 करोड़ का फायदा
सरकारी क्षेत्र के यूको बैंक को तीसरी तिमाही में 739.51 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में यह 15.76 प्रतिशत अधिक है। आय बढ़कर 7,521.16 करोड़ रुपये हो गई। ब्याज बढ़कर 6,651.8 करोड़ रहा। सकल बुरा फंसा कर्ज यानी एनपीए घटकर 2.41 फीसदी रहा। शुद्ध एनपीए भी सुधरकर 0.36 फीसदी पर आ गया है। कुल कारोबार 5.53 लाख करोड़ के पार पहुंच गया।
पहला ग्लोबल इकनॉमिक कोऑपरेशन 17 फरवरी से
बहुध्रुवीय दुनिया में सहयोग और विकास के नए रास्तों की तलाश के लिए पहला ग्लोबल इकनॉमिक कोऑपरेशन सम्मेलन 17-19 फरवरी को मुंबई में आयोजित किया जाएगा। फ्यूचर इकनॉमिक कोऑपरेशन काउंसिल की ओर से आयोजित सम्मेलन में आर्थिक कूटनीति, सहयोग और पूंजी के समन्वय के विकास पर चर्चा होगी। इसमें दुनियाभर के नीति-निर्माता, वैश्विक कंपनियों के सीईओ, निवेशक शामिल होंगे।
भारत के साथ FTA से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा और आर्थिक विकास: न्यूजीलैंड पीएम
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा है कि भारत के साथ हाल ही में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता (FTA) व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करेगा और आर्थिक वृद्धि को गति देगा। 2026 के स्टेट ऑफ द नेशन संबोधन में उन्होंने बताया कि एक साल से भी कम समय में पूरा हुआ यह समझौता देश में रोजगार सृजन और वेतन वृद्धि का अहम माध्यम बनेगा।
प्रधानमंत्री लक्सन के अनुसार, इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के 95 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ को समाप्त या कम किया गया है, जबकि लगभग 57 प्रतिशत निर्यात पर समझौते के लागू होते ही शुल्क पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
फोनपे को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी
डिजिटल पेमेंट्स कंपनी फोनपे को अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कंपनी जल्द ही अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल करेगी, जिससे भारत के सबसे चर्चित फिनटेक आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
सूत्रों ने बताया कि फोनपे का यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू के जरिए कंपनी कोई नया प्राथमिक पूंजी (प्राइमरी कैपिटल) नहीं जुटाएगी।
फोनपे भारत के डिजिटल पेमेंट्स बाजार में अग्रणी है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन में इसकी बाजार हिस्सेदारी 45 प्रतिशत से अधिक है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में कंपनी ने करीब 9.8 अरब लेनदेन प्रोसेस किए थे।
भारतीय विनिर्माण क्षेत्र ने छुआ नया शिखर
भारतीय विनिर्माण क्षेत्र ने 2025-26 वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उद्योग का परफॉर्मेंस इंडेक्स इस अवधि में अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है, जो सेक्टर में मजबूत और सतत वृद्धि का संकेत देता है।
नई दिल्ली में आज जारी फिक्की की 68वीं तिमाही विनिर्माण सर्वेक्षण (QSM) रिपोर्ट के अनुसार, बड़े उद्योगों के साथ-साथ लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) में भी तेजी और बढ़ते आशावाद का माहौल बना हुआ है।
तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त वार्षिक टर्नओवर वाली इकाइयों को शामिल करने वाले इस सर्वे में 91 प्रतिशत प्रतिभागियों ने उत्पादन स्तर में वृद्धि या स्थिरता की जानकारी दी है। यह आंकड़ा पिछली तिमाही के 87 प्रतिशत के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़त दर्शाता है।
₹658 करोड़ के फर्जी जीएसटी आईटीसी घोटाले में ईडी की कार्रवाई
ईडी ने मंगलवार को ₹658 करोड़ के कथित फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले से जुड़े मामले में कई राज्यों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की उत्पत्ति अरुणाचल प्रदेश से हुई थी।
ईडी ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और मणिपुर में स्थित उन व्यक्तियों और कंपनियों के कई परिसरों पर छापेमारी की, जिनका इस मामले से संबंध बताया जा रहा है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही जांच का हिस्सा है।
गौरतलब है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) जीएसटी प्रणाली के तहत एक वैध व्यवस्था है, जिसके जरिए कारोबारी अपने व्यापार से जुड़े खरीद पर चुकाए गए जीएसटी को टैक्स देनदारी से घटा सकते हैं। हालांकि, फर्जी बिलिंग और बिना वास्तविक लेन-देन के ITC का दावा करना कानूनन अपराध है।
गुणवत्ता प्रमाणन शुल्क में छूट की अवधि तीन साल बढ़ाने की तैयारी
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को राहत देने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि गुणवत्ता प्रमाणन शुल्क में दी जा रही रियायतों की अवधि को मौजूदा मध्य-2026 की समयसीमा से आगे तीन साल तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारी के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने इस विस्तार से जुड़ा प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। इसके तहत माइक्रो इकाइयों को 80 प्रतिशत, लघु उद्यमों को 50 प्रतिशत और मध्यम आकार की इकाइयों को 20 प्रतिशत तक शुल्क में छूट दी जाती है। सरकार का मानना है कि इस कदम से एमएसएमई क्षेत्र को गुणवत्ता मानकों को अपनाने में मदद मिलेगी और ‘क्वालिटी-फर्स्ट’ मैन्युफैक्चरिंग को बल मिलेगा।