भारत की 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों ने इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में लगभग 92,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचीं। इसमें बंगलूरू स्थित 'प्रेस्टिज एस्टेट्स' ने सबसे अधिक बिक्री की और शीर्ष स्थान हासिल किया।
सरकारी दस्तावेजों से संकलित आंकड़ों के मुताबिक, 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की कुल संयुक्त बिक्री अप्रैल-सितंबर 2025-26 में 92,437 करोड़ रुपये रही। बिक्री के मामले में प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने अप्रैल-सितंबर अवधि में सबसे आगे रहते हुए 18,143.7 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स की।
डीएलएप लिमिटेड ने 15,757 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। मुंबई आधारित गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 15,587 करोड़ रुपये और लोधा डेवलपर्स ने 9,020 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचीं। दिल्ली-एनसीआर स्थित सिग्नेचर ग्लोबल ने वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में 4,650 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचीं।
इन पांच शीर्ष डेवलपर्स ने अकेले अप्रैल-सितंबर में 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां बेचीं, जो कुल बिक्री का लगभग 70 फीसदी है। कोविड महामारी के बाद सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपर्स का प्रदर्शन अच्छा रहा है क्योंकि आवासीय संपत्तियों की मांग मजबूत रही। इसके अलावा, उपभोक्ताओं ने जोखिम से बचने के लिए बड़े ब्रांडेड रियल एस्टेट कंपनियों को प्राथमिकता दी और अचानक बंद होने वाले छोटे डेवलपर्स से दूरी बनाई।
अन्य सूचीबद्ध कंपनियों में बंगलूरू स्थित सोभा लिमिटेड और ब्रिगेड एंटरप्राइजेज ने क्रमशः 3,981.4 करोड़ रुपये और 3,152 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचीं।
बिरलानु ने आंध्र प्रदेश में नए फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट लगाने की घोषणा की
भवन निर्माण सामग्री कंपनी बिरलानु ने रविवार को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में ग्रीनफील्ड फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट लगाने की योजना की घोषणा की। बिरलानु के प्रबंध निदेशक और सीईओ अक्षत सेठ ने कहा, नेल्लोर में हमारा नया फाइबर सीमेंट बोर्ड प्लांट बिरलानु के विस्तार की यात्रा में एक अहम मील का पत्थर है। यह हमारी उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगा और क्षेत्र में रोजगार सृजन में मदद करेगा।
सीईओ ने बताया कि यह प्लांट आधुनिक तकनीकों और टिकाऊ उत्पादन तरीकों से डिजाइन किया गया है। यह क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को तेज करेगा और घरेलू तथा निर्यात बाजारों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री की आपूर्ति बढ़ाएगा। पहले चरण में कंपनी लगभग 127 करोड़ रुपये का निवेश करके एक बड़ी यूनिट स्थापित करेगी, जिससे क्षेत्र में करीब 600 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।