कमजोर मांग से निजी क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर पांच महीने में सबसे कम
कमजोर मांग और उत्पादन की बढ़ती कीमतों के कारण निजी क्षेत्र की वृद्धि दर अक्तूबर में घटकर पांच महीने के निचले स्तर पर आ गई। एचएसबीसी का फ्लैश इंडिया कंपोजिट खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) अक्तूबर में गिरकर 59.9 पर आ गया। सितंबर में यह 61.0 पर था। हालांकि, मई के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बावजूद वृद्धि दर मजबूत रही। मौसमी रूप से समायोजित सूचकांक विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के संयुक्त उत्पादन में मासिक आधार पर बदलाव को मापता है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्तूबर में वृद्धि दर में गिरावट मुख्य रूप से सेवाओं की वृद्धि में मंदी के कारण रही। विनिर्माण गतिविधि सितंबर में चार महीने के निचले स्तर से उबर गई। विनिर्माण पीएमआई सितंबर के 57.7 से बढ़कर 58.4 हो गया। सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक 60.9 से घटकर 58.8 हो गया। नए ऑर्डर सूचकांक में मजबूती से वृद्धि हुई। हालांकि, मई के बाद से यह सबसे कम गति पर था। विनिर्माण निर्यात में धीमी वृद्धि के कारण वस्तुओं-सेवाओं की वैश्विक मांग सात महीनों में सबसे कम रही।
सेबी की सख्ती: आईपीओ से पहले कंपनियों में निवेश नहीं कर पाएंगी म्यूचुअल फंड योजनाएं
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड कंपनियों को आईपीओ से पहले भाग लेने से रोक दिया है। फंड हाउस केवल एंकर निवेशक हिस्से या आईपीओ के दौरान ही निवेश कर सकेंगे। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) को लिखे पत्र में सेबी ने कहा, म्यूचुअल फंड योजनाओं का निवेश केवल उन प्रतिभूतियों में किया जाना चाहिए जो सूचीबद्ध हैं या सूचीबद्ध होने वाली हैं। नियामक ने चेतावनी दी कि इस तरह की भागीदारी की मंजूरी देने से आईपीओ में देरी या रद्द होने पर म्यूचुअल फंड गैर सूचीबद्ध शेयरों को धारण कर सकते हैं जो नियामक मानदंडों का उल्लंघन होगा। इसके पीछे नियामक की चिंता तरलता को लेकर लगती है। लेकिन प्रबंधकों का तर्क है कि तरलता के लिए तनाव परीक्षण के रूप में पहले से मौजूद खुलासा मानदंडों के जरिये इस पर नियंत्रण रखा जा सकता है। विश्लेषकों के मुताबिक, योजनाओं को आईपीओ से पहले निवेश की अनुमति देना जोखिमभरा हो सकता है। अगर एक फंड मैनेजर ऐसे प्रमोटर पर भरोसा कर निवेश करता है, जो लिस्टिंग का वादा करता है, लेकिन बाद में ऐसा नहीं होता तो योजना में उन गैर-सूचीबद्ध शेयरों के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा? उद्योग सूत्रों का तर्क है कि इससे उन्हें एक आकर्षक अवसर से वंचित होना पड़ता है, जिसका उपयोग खुदरा निवेशकों के लिए लोकप्रिय निवेश विकल्प के रूप में किया जा सकता है।
कोटक महिंद्रा बैंक का मुनाफे में आई तीन प्रतिशत की गिरावट
कोटक महिंद्रा बैंक के दूसरी तिमाही का मुनाफा में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है। बैंक ने बताया कि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त दूसरी तिमाही में उसका एकल लाभ घटकर 3,253 कोरड़ रुपये रह गया। कंपनी ने पिछले वर्ष इसी तिमाही में 3,344 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
बैंक ने नियामकीय फाइलिंग में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय बढ़कर 16,239 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 15,900 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान बैंक ने 13,649 करोड़ रुपये की ब्याज आय अर्जित की, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह 13,216 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही के 7,020 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,311 करोड़ रुपये हो गई, जो 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हालांकि, शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) घटकर 4.54 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में 4.91 प्रतिशत था।
सीबीआईसी ने 31 कस्टम ड्यूटी नोटिफिकेशन को किया विलय
व्यापार को और सुगम बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 31 कस्टम ड्यूटी नोटिफिकेशनों को एक एकीकृत अधिसूचना में विलय कर दिया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर, 2025 से प्रभावी होगी।
सीबीआईसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, सीबीआईसी ने एक और व्यापार सुविधा उपाय शुरू किया है! 31 सीमा शुल्क अधिसूचनाओं को एक समेकित अधिसूचना में विलय कर दिया गया है। बोर्ड ने इस कदम को प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपाय बताया।
NCC को झारखंड में कोयला उत्खनन का बड़ा ठेका मिला
एनसीसी लिमिटेड को कोल इंडिया की सहायक कंपनी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) से ₹6,828.94 करोड़ का बड़ा ठेका मिला है। कंपनी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। नियामकीय फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसे 24 अक्तूबर को CCL से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस प्राप्त हुआ है। यह ठेका झारखंड के चंद्रगुप्त क्षेत्र स्थित अमरपाली ओपन-कास्ट परियोजना में कोयला और ओवरबर्डन के उत्खनन व परिवहन के लिए दिया गया है। कंपनी ने कहा कि इस परियोजना के तहत ओवरबर्डन हटाने और कोयले के परिवहन का काम निर्दिष्ट समयसीमा और शर्तों के अनुसार पूरा किया जाएगा। यह ऑर्डर NCC के खनन कारोबार पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हटाया कबाड़, 31,353 वर्ग फुट दफ्तर की जगह खाली
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि विशेष अभियान फॉर डिस्पोजल ऑफ पेंडिंग मैटर्स (SCDPM) 5.0 के तहत कबाड़ और बेकार फाइलें हटाकर लगभग 31,353 वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र को खाली कराया गया है।
मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार, कबाड़ निस्तारण से कुल 81,66,756 रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ है। अक्तूबर 2 से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्तूबर तक जारी रहेगा। इस अवधि में मंत्रालय ने कुल 4,988 भौतिक फाइलों को समाप्त कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, स्क्रैप और ई-वेस्ट हटाने से कार्यालयों में कार्यस्थल को अधिक सुव्यवस्थित और उपयोगी बनाने में मदद मिली है।
डीजीसीए विमान में पावर बैंक में आग लगने की घटना की समीक्षा करेगा
विमानन नियामक डीजीसीए पिछले सप्ताह एक घरेलू उड़ान में पावर बैंक में आग लगने की घटना की जांच करेगा। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने शनिवार को यह जानकारी दी। 19 अक्तूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर टैक्सी करते समय दीमापुर जाने वाले इंडिगो विमान में एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई और केबिन क्रू द्वारा आग बुझा दी गई। नायडू ने कहा कि डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) घटना की समीक्षा करेगा।