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Biz Updates: डिजिटल कर्ज में 49% तेजी, 37 कंपनियों ने बांटे ₹1.46 लाख करोड़; पीएलआई वितरण के लिए आवेदन शुरू

Tue, 18 Jun 2024 11:58 PM IST
ज्योति भास्कर बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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शेयर बाजार, कारोबार और वाणिज्य जगत की अहम खबरें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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व्यापक चिंताओं के बीच डिजिटल कर्ज में मूल्य के लिहाज से 2023-24 में 49 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस अवधि में डिजिटल कर्ज देने वाली 37 कंपनियों ने कुल 1.46 लाख करोड़ रुपये के ऋण बांटे। कर्ज का औसत टिकट साइज 12,648 रुपये था। फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पावरमेंट (एफएसीई) के मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 के दौरान बांटे गए कर्ज की संख्या 35 फीसदी बढ़कर 10 करोड़ से अधिक पहुंच गई। बीते वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में इन कंपनियों ने कुल 40,322 करोड़ रुपये के 2.69 करोड़ कर्ज दिए। ऋण का औसत टिकट साइज 13,418 करोड़ रुपये था। एफएसीआई ने कहा, 70 फीसदी कर्ज 28 कंपनियों ने जारी किए। ये कंपनियां गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के रूप में पंजीकृत हैं या उनके पास अपने एनबीएफसी है। डिजिटल कर्ज देने वाली 37 कंपनियां एफएसीई की सदस्य हैं।
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पीएलआई वितरण के लिए आवेदन लेना शुरू
कई विभागों ने दावों की तेजी से निकासी के लिए तिमाही आधार पर उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत प्रोत्साहन के वितरण के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, अन्य विभागों को भी इसका पालन करने के लिए कहा गया है। अधिकारी के मुताबिक, पीएलआई लाभार्थियों के कुछ वर्गों ने विभागों से दावों के समय पर भुगतान के लिए अपील किया है। पीएलआई योजना की घोषणा 2021 में 14 क्षेत्रों के लिए की गई थी। इसमें दूरसंचार, कपड़ा, चिकित्सा उपकरणों का विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, विशेष स्टील आदि शामिल हैं। इस पर 1.97 लाख करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। अब तक, पीएलआई लाभार्थियों को केवल 9,700 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं, जो कुल अनुमान का लगभग 5 प्रतिशत है। 2023-24 में 6,800 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

अयोध्या, वाराणसी, पुरी समेत 17 शहरों में तेज रियल एस्टेट विकास: रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश का वाराणसी, अयोध्या, ओडिशा का पुरी, गुजरात का द्वारका, आंध्र प्रदेश का तिरुपति और महाराष्ट्र के शिरडी समेत देश के 17 शहरों को उच्च विकास संभावना वाले शहरों की सूची में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इन शहरों में आने वाले वर्षों में मुख्य रूप से आध्यात्मिक पर्यटन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और डिजिटलीकरण बढ़ेगा। इस कारण रियल एस्टेट का तेजी से विकास होगा।
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नियमों के उल्लंघन के लिए 35 लाख रुपये का जुर्माना
शेयर बाजार नियामक- सेबी ने ओपी जिंदल समूह की कंपनी हेक्सा ट्रेडेक्ट लिमिटेड उसके प्रमोटरों और निदेशकों पर डीलिस्टिंग मानदंडों और अन्य नियमों के उल्लंघन के लिए 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सेबी ने हेक्सा ट्रेडेक्स के अध्यक्ष राज कमल अग्रवाल, रविंदर नाथ लीखा, विनीता झा, गिरीश शर्मा और प्रवेश श्रीवास्तव पर 2-5 लाख रुपये का जु्र्माना लगाया गया है।
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 क्रिसिल का दावा- इन्फ्रा और रियल्टी क्षेत्र में 15 लाख करोड़ का आएगा निवेश
बुनियादी ढांचा (इन्फ्रा) और रियल एस्टेट क्षेत्र को अगले दो साल में यानी मार्च, 2026 तक 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल सकता है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार को कहा, इस निवेश से 50 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और रियल एस्टेट एवं इन्फ्रा क्षेत्र में 25,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण होगा।

एजेंसी ने कहा, भारत के प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्र नवीकरणीय ऊर्जा, सड़कें और रियल एस्टेट में निवेश 2024-25 और 2025-26 के दौरान पिछले दो वित्त वर्षों के मुकाबले 38 फीसदी बढ़कर 15 लाख करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है। क्रिसिल के मुख्य रेटिंग अधिकारी कृष्णन सीतारमण ने कहा, तीनों ही क्षेत्रों में नियमित नीतिगत हस्तक्षेप से निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। 
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