शेयर बाजार, कारोबार और वाणिज्य जगत की अहम खबरें
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मंगलवार को कोयला मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने अब तक 200 कोयला ब्लॉक का आवंटन कर दिया। सरकार ने सेक्टर सुधार की भी पुष्टि की। बयान में कहा कि मध्य प्रदेश के मरवाटोला-2 कोयला ब्लॉक को सिंघल बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया। सरकार सेक्टर सुधार, निजी क्षेत्र की भागीदारी और कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2020 में नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत की थी, जिसमें 41 ब्लॉक का आवंटन किया गया। इसके साथ ही कोयला खनन क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लिए रास्ते खुले।
श्रीलंका ने फ्रांस के साथ की ऋण पुनर्गठन की डील
श्रीलंका ने फ्रांस के साथ ऋण पुनर्गठन समझौता किया है। यह ऋण 39 करोड़ यूरो का है। श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने इसे देश की आर्थिक दृष्टि से मील का पत्थर समझौता बताया। समझौते पर सोमवार को हस्ताक्षर हुए। फ्रांस, श्रीलंका का चौथा सबसे बड़ा सार्वजनिक ऋणदाता है।
बारिक सोने की खदान पर माली का कब्जा
माली के एक जज ने सोमवार को कनाडा के मालिकाना हक वाली बारिक सोने की खदान पर नियंत्रण का आदेश दिया। दरअसल माली की सरकार और कनाडा की खनन कंपनी के बीच टैक्स को लेकर विवाद है। बारिक खदान माली की सबसे बड़ी सोने की खदान है। इसे दुनिया की शीर्ष 10 सोने की खदानों में शुमार किया जाता है। कनाडा की कंपनी पर आरोप है कि उसने टैक्स का भुगतान नहीं किया। साथ ही आरोप है कि पिछली सरकार ने गलत तरीके से कनाडा की कंपनी को इस खदान का ठेका दिया। इस मामले में बीते साल दिसंबर में कंपनी के सीईओ मार्क ब्रिस्टो के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। जिसके बाद कंपनी ने माली की सरकार को 37 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था।
भारत के निर्यात में लगातार आ रहा उछाल
भारत के निर्यात में लगातार उछाल आ रहा है। साल 2010 से 2023 के बीच भारत के निर्यात में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। UNCTAD की एक रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक निर्यात में भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश है और भारत की विकास दर 6.3 प्रतिशत रही है। यूरोपीय संघ, चीन और अमेरिका के निर्यात की विकास दर क्रमशः 3.9 प्रतिशत, 6.1 प्रतिशत और 3.9 प्रतिशत रही। इससे वैश्विक आपूर्ति श्रंख्ला में भारत की भूमिका बढ़ी है। साल 2009-10 में भारत का कुल निर्यात 274.8 अरब डॉलर रहा था। वहीं साल 2022-23 में यह बढ़कर 776.3 अरब डॉलर और 2024-25 में यह 825 अरब डॉलर रहा।