देश के निर्यात और आयात में जनवरी, 2023 में लगातार दूसरे महीने गिरावट रही। इस दौरान व्यापार घाटा भी कम होकर 12 महीने के निचले स्तर 17.75 अरब डॉलर पर आ गया। जनवरी, 2022 में यह आंकड़ा 17.42 अरब डॉलर रहा था। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, वैश्विक मांग में नरमी से निर्यात जनवरी में 6.58 फीसदी घटकर 32.91 अरब डॉलर रह गया। जनवरी, 2022 में देश से 35.23 अरब डॉलर की वस्तुओं एवं सेवाओं का निर्यात हुआ था। आयात भी 3.63 फीसदी घटकर 50.66 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले दिसंबर, 2022 में निर्यात 12.2 फीसदी घटकर 34.48 अरब डॉलर रहा था।
अप्रैल-जनवरी में 8.51 फीसदी बढ़ा निर्यात
2022-23 के शुरुआती 10 महीने यानी अप्रैल-जनवरी अवधि में देश का कुल वस्तु निर्यात 8.51 फीसदी बढ़कर 369.25 अरब डॉलर पहुंच गया। आयात भी 21.89 फीसदी की उच्च वृद्धि के साथ 602.20 अरब डॉलर पहुंच गया। इस अवधि में 233 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था। इस दौरान पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, चावल, बने कपड़े और रसायन के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि रही।
रूस से आयात 384 फीसदी बढ़कर 37 अरब डॉलर
रूस से देश का आयात अप्रैल से जनवरी के दौरान 384 फीसदी बढ़कर 37.31 अरब डॉलर हो गया है। इसमें कच्चे तेल का योगदान सर्वाधिक रहा है। 2021-22 में रूस भारत का 18वां सबसे बड़ा आयातक भागीदार देश था। उस समय 9.86 अरब डॉलर का आयात हुआ था। अब यह पांचवां सबसे बड़ा आयातक देश है। चीन-अमेरिका के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड आयातक है।
चीन से आयात 9% बढ़कर 83.76 अरब डॉलर हो गया है। संयुक्त अरब अमीरात से 23.53 फीसदी व अमेरिका से 25 फीसदी बढ़ा है। भारत से निर्यात में अमेरिका पहले स्थान पर है।
खुले बाजार में बिक्री से गेहूं की थोक व खुदरा कीमतें 5% घटीं
केंद्र के खुले बाजार में 30 लाख टन गेहूं बेचने के फैसले के बाद थोक और खुदरा बाजारों में गेहूं की कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आई है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बुधवार को कहा, सरकार गेहूं और आटे (गेहूं का आटा) की कीमतों पर बारीकी से नजर रख रही है। दरों को कम करने के लिए अगर जरूरी हुआ तो और कदम भी उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, सरकार गेहूं निर्यात पर पिछले साल मई से लगे प्रतिबंध को हटाने के किसी भी प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं कर रही है। सचिव ने कहा कि जनवरी में मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) की घोषणा के बाद से गेहूं की कीमतें नीचे आ गई हैं। थोक मूल्य 3,000 रुपये से गिरकर 2,500 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। खुदरा बाजार में भी कीमतें 3,300-3,400 रुपये से घटकर 2,800-2,900 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई हैं।
वेदांता ने कर्ज को 16 हजार करोड़ घटाया
नई दिल्ली। वेदांता ने कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष में 16 हजार करोड़ रुपये (2 अरब डॉलर) की कमी की है। कंपनी पर कुल शुद्ध कर्ज मार्च, 2022 में 9.66 अरब डॉलर था। इस समय यह 7.7 अरब डॉलर है। इसमें तीन अरब डॉलर अगले वित्त वर्ष में चुकाना है।
रुपये में विदेशी कारोबार करने के लिए 20 बैंकों ने खोले विशेष खाते
एचडीएफसी बैंक और यूको बैंक समेत 20 बैंकों ने रुपये में विदेशी कारोबार को मुमकिन बनाने के लिए विशेष वोस्ट्रो खाते खोले हैं। साथ ही, कई और देश इस व्यवस्था में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के प्रमुख संतोष कुमार सारंगी ने बुधवार को कहा कि रुपये में विदेशी लेनदेन को प्रोत्साहन देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय बैंकों के संपर्क में है। इसके अलावा, वित्तीय सेवाओं का विभाग और निर्यातक भी मंत्रालय के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, सभी प्रमुख बैंकों ने इन खातों से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए निर्यातकों के साथ अपने नोडल अधिकारियों की सूची भी साझा की है। उन्होंने कहा कि रुपये में विदेशी कारोबार की शुरुआत एक नई व्यवस्था है। लिहाजा, कुछ शुरुआती समस्याएं होना लाजिमी है, लेकिन इसे गति देने के लिए बैंकों, रिजर्व बैंक एवं निर्यातकों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
बीएसएनएल में विलय करने के लिए डिलिस्ट होगी एमटीएनएल
भारत संचार निगम लि (बीएसएनएल) में विलय के लिए सरकार महानगर टेलीफोन निगम लि (एमटीएनएल) को शेयर बाजारों से डिलिस्ट करा सकती है। एक अधिकारी ने बताया कि हम इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। अगले साल तक विलय को पूरा कर लिया जाएगा। उससे पहले एमटीएनएल को डिलिस्ट कराना होगा। एमटीएनएल केवल मुंबई और दिल्ली में सेवा दे रही है। अधिकारी ने बताया कि बीएसएनएल की 4जी सेवा लॉन्च के लिए तैयार है।
दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता के मानक सख्त करे ट्राई
दूरसंचार विभाग ने कॉल ड्रॉप पर रोक लगाने और कॉल की गुणवत्ता सुधारने के लिए ट्राई से सेवाओं की गुणवत्ता संबंधी मानक सख्त करने को कहा है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को फोन कॉल की गुणवत्ता को लेकर आ रही शिकायतें दूर करने के लिए मानक सख्त करने को कहा गया है। यह कदम लोगों से कॉल ड्रॉप व कॉल की गुणवत्ता को लेकर मांगी राय के आधार पर उठाया है।