नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लागत बढ़ने की रिपोर्ट्स का खंडन किया है। कॉर्पोरेशन का कहना है कि परियोजना की लागत और फंडिंग को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे भ्रामक हैं। क्या है पूरा मामला, पढ़िए रिपोर्ट
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की बढ़ती लागत को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने स्थिति स्पष्ट की है। कॉर्पोरेशन ने उन मीडिया रिपोर्टों और दावों को पूरी तरह खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि परियोजना की लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गई है और अतिरिक्त 90,000 करोड़ रुपये का पूरा भार भारतीय रेलवे उठाएगा।
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एनएचएसआरसीएल ने कहा कि यह कहना गलत है कि बढ़ी हुई लागत का बोझ भारतीय रेलवे पर डाला जा रहा। यह प्रोजेक्ट एक समर्पित इकाई (एनएचएसआरसीएल) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा, जिसका अपना वित्तीय ढांचा है। इसमें केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की भागीदारी है। जापानी एजेंसी जेआईसीए की तरफ से फंडिंग रोकने की खबरों को भी कॉर्पोरेशन ने आधारहीन और अटकलबाजी बताया है।
संस्थान ने स्पष्ट किया कि 10 साल पहले अनुमानित लागत शुरुआती चरण की थी, जिसे अब विस्तृत डिजाइन और भूमि अधिग्रहण के आधार पर संशोधित किया गया है। टिकट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंकाओं पर एनएचएसआरसीएल ने कहा कि किराया किफायती रखा जाएगा और भ्रामक आंकड़ों पर विश्वास न करें। यह प्रोजेक्ट केवल एक रूट नहीं, बल्कि विकसित भारत के लिए आधुनिक परिवहन की नींव है।