CII: सीआईआई ने सरकार से आगामी बजट में संस्थागत सुधारों और मजबूत राजकोषीय प्रबंधन पर जोर देने की अपील की है। संगठन के अनुसार, उच्च विकास दर और कम महंगाई की मौजूदा गति को बनाए रखना जरूरी है। सीआईआई ने कर जीडीपी अनुपात बढ़ाने और कर चोरी पकड़ने के लिए डिजिटल और विश्लेषणात्मक साधनों के उपयोग का सुझाव दिया है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार से बजट में संस्थागत सुधारों और राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को बढ़ावा देने की अपील की है। इससे देश की विकास गति को बरकरार रखा जा सकेगा।
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सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, भारत ने उच्च विकास दर, कम महंगाई और बेहतर राजकोषीय संकेतकों का एक दुर्लभ संगम हासिल किया है। अगले केंद्रीय बजट को अनुशासित राजकोषीय प्रबंधन और गहन संस्थागत सुधारों के माध्यम से इस गति को बनाए रखना चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश कर सकती हैं। सीआईआई ने सरकार को कर चोरी का पता लगाने के लिए विश्लेषणात्मक उपकरणों का उपयोग करने का सुझाव दिया।
बनर्जी ने कहा, देश को कर जीडीपी अनुपात को 17.5 फीसदी (केंद्र व राज्यों को मिलाकर) से बढ़ाने की जरूरत है। भारत के विश्व स्तरीय डिजिटल बुनियादी ढांचे के आंकड़ों का उपयोग कर चोरी का पता लगाने और कर आधार को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।